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बर्बाद होना नहीं चाहते तो जानिये अपने मुकदमे में कैसे चुनें अच्छा अधिवक्ता?

how to choose a good lawyer-आपके मुकदमे की दशा एवं दिशा क्या होगी यह एक बेहतरीन अधिवक्ता तय करता है अगर आपने मुकदमे में एक अच्छा अधिवक्ता नहीं चुना है तो आपके हाथ में निराशा लगेंगी भले ही आप सही हो आप कोर्ट में अपना मुकदमा हार सकते हैं|

और आपको भारी नुकसान हो सकता है हो सकता है की आपको जमानत न मिले,हो सकता है की आप निर्दोष होते हुए भी आप को सजा हो जाए हो सकता है कि आपको दहेज एक्ट में लंबा मेंटेनेंस देना पड़ जाए तो इसके लिए आवश्यक है कि आप अपने मुकदमे के लिए एक बेहतरीन और विद्वान वकील चुनें ज्यादातर लोग यही गलती कर देते हैं फिर वो अपने मुकदमे को हार जाते हैं या फिर लंबे समय तकये इसी मुकदमे में फंसे रहते थे तो आइये हम आपको एक बेहतरीन रिसर्च के बाद मे ये बताते हैं कि आखिर कैसे एक बेहतरीन अधिवक्ता चुनें|

कानून का बेहतरीन ज्ञान और विश्लेषणात्मक क्षमता

एक बेहतरीन वकील को कानून का बेहतरीन और गहराई से ज्ञान होता है कब किस कानून को किस धारा को का उपयोग में लाना है और कब आउट ऑफ द बॉक्स जाकर के सोचना है और काम करना है या उनको पता होता है वो कभी भी आप से एक कानून की सीमाओं के बाहर जाकर बात नहीं करते हैं कभी भी वो लंबी लंबी बाते भी नहीं करते जो कानून में संभव है और जो वो कर सकते हैं वही कहते हैं|

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आपके मुकदमे में जो कन्टेन्ट लिखे गए हैं किसी भी मुकदमे में कड़ी से कड़ी जोड़ने की क्षमता उनकी होती है मुकदमे एवं धाराओं की विश्लेषण की जो क्षमता होती है वह भी उनकी बहुत कमाल की होती है तो जब आप एक बेहतरीन वकील चुने जाते थे तो आप ये जरूर देखिये की वो विद्वान एवं विश्लेषणात्मक क्षमता वाले हैं अथवा नहीं क्योंकि एक औसत दर्जे का वकील आपके मुकदमे को हरवा देगा और आपको जेल पहुंचा देगा|

बेहतरीन तार्किक क्षमता एवं संचार कौशल

जब भी आप अपने मुकदमे के सिलसिले में किसी वकील से बात करते हैं तो अगर वे तार्किक नहीं है उनका संचार कौशल अच्छा नहीं है उनके अंदर में एक स्तर का आत्मविश्वास नहीं है तो वे आपके किसी काम के नहीं क्योंकि कोर्ट में माननीय जज जब वकील से बातचीत करते हैं तो उन्हें टू द  पॉइंट उत्तर चाहिए होता है वो किसी भी मुकदमे में पैराग्राफ्स में या फिर फालतू की बातें नहीं सुनते हैं वो वही सुनते हैं जो रेलेवेंट होता है जो तर्कसंगत होता है और जो कानून में संभव होता है इसलिए एक बेहतरीन वकील को ये पता होना चाहिए की कोर्ट में माननीय न्यायमूर्ति के सामने अपने क्लाइंट के फेवर में हमें क्या बातें रखी हैं|

जिससे कि हमारे क्लाइंट को फायदा हो क्योंकि आजकल तमाम मामले ऐसे देखे जा रहे हैं कि वकील के गलतियों की वजह से पक्षकारों को उसका परिणाम भुगतना पड़ता है क्योंकि एक वकील मुकदमा कभी नहीं हारता मुकदमा तो क्लाइंट हारता है इसलिए आपको यह ध्यान रखने की जरूरत है कि आप के अधिवक्ता का संचार कौशल एक आत्मविश्वास बेहतरीन है की नहीं है क्योंकि कोर्ट में माननीय जज के सामने बातचीत करने के लिए एक बेहतरीन लेवल का विश्वास भी चाहिए होता है|

अनुसंधान  करने,अध्ययन एवं  बेहतरीन लेखन कौशल

हम आपसे जीस भाषा में बात करते हैं या आप किसी भाषा में बात करते हैं उनसे सामान्य बोलचाल की भाषा कहते हैं लेकिन माननीय न्यायालय में कानूनी भाषा में बातचीत होती है तो जहाँ आपको ध्यान देने की जरूरत है की आपके अधिवक्ता में संवैधानिक भाषा की गहरी पकड़ है अथवा नहीं वहीं दूसरा जो कार्य करता है वो अनुसंधान का है कानून एक अथाह समुद्र की तरह है|

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आप के मुकदमे के  रेलेवेंट फैक्ट को वो कानून की किताबों में जाकर रिसर्च करने की क्षमता अगर नहीं रखते हैं तो वो आपकी कोई खास मदद भी नहीं कर सकते इसलिए एक बेहतरीन वकील में अनुसंधान की बेहतरीन क्षमता होती है इसके साथ ही द केस को अच्छे तरीके से पढ़कर उसकी गलतियों को निकालते हैं और उस गलती को माननीय न्यायालय के समक्ष में रखते हैं तब एक पक्षकार के रूप में आप को फायदा होता है ऐसे अधिवक्ता जो जिनको पढ़ने-लिखने से कोई सरोकार नहीं होता है वो कोर्ट में किसी काम के नहीं होते हैं|

बेहतरीन मानसिक संतुलन 

एक अच्छे अधिवक्ता का मानसिक संतुलन भी बेहतर शानदार होता है वो मानसिक रूप से बेहद मजबूत होते है किसी भी प्रकार की समस्या आ जाने पर वो घबराने के बजाय धैर्यपूर्वक उस समस्या का समाधान निकालने में जुट जाते हैं वह आपको आश्वस्त करते हैं और कानूनी सीमाओं के भीतर ही आपको आश्वस्त करते हैं वे आपको किसी ऐसे चीज़ का भरोसा नहीं देते जो कि कानून में किसी भी प्रकार से संभव ही नहीं है|

जरूरी दतवेज पेश करने की क्षमता 

अभी मध्यप्रदेश हाई कोर्ट का ताजा मामला है जहाँ ग्वालियर पीठ में माननीय न्यायमूर्ति रोहित आर्या की कोर्ट में एक अधिवक्ता जिनका नाम अशोक जैन हैं उनके द्वारा फर्जी हलफनामा पेश किया गया तब अशोक जैन के खिलाफ़ माननीय न्यायमूर्ति ने आदेश को वेरिफाई करवाने के लिए निर्देशित किया तो अशोक जैन जैसे अधिवक्ताओं से आपको बचना है|

क्योंकि कोर्ट में झूठे एवं फर्जी दस्तावेज पेश करने के लिए भी कुछ अधिवक्ता आदि होते हैं तो ऐसे लोगों से आपको जितना हो सके बचें अगर आप नहीं बचते हैं तो माननीय न्यायालय में इसका नुकसान आपको उठाना पड़ेगा क्योंकि माननीय हाई कोर्ट में दस्तावेज पेश नहीं किए जा सकते हैं पेश किए भी जाएंगे और अगर किसी को भ्रम है कि वो पकड़े नहीं जाएंगे तो ये गलत है आजकल दस्तावेजों को कई स्तर पर वेरिफाई किया जाता है और वो ज़ाहिर सी बात है कि वहाँ सच्चाई सामने आ जाती है|

नेतृत्व करने की बेहतरीन क्षमता

आपको यह भी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि आपके अधिवक्ता में नेतृत्व करने की बेहतरीन क्षमता होनी चाहिए माननीय न्यायालय के समक्ष वह आप का नेतृत्व इस कदर करें कि माननीय न्यायालय आपकी बातों को अच्छी तरह से समझ सकें क्योंकि जब तक न्यायालय के समक्ष आपके तथ्य नहीं पहुँचेंगे तबतक आपके पास कितने भी सबूत एवं साक्ष्य हो वो कचरे के अलावा कुछ नहीं हैं|

माननीय न्यायमूर्ति के समक्ष फ़ैक्ट रखने की क्षमता 

माननीय न्यायमूर्ति के समक्ष एक बेहतरीन अधिवक्ता को फैक्ट रखने के भी शानदार क्षमता होनी चाहिए क्योंकि माननीय न्यायमूर्ति के समक्ष गलत तरीके से किसी भी बात को नहीं रखा जाता क्योंकि ये कोर्ट ऑफ कंटेम्प्ट भी हो जाता है और एक तरह का अपराध भी होता है तो आपके मुकदमे के सम्बन्ध में माननीय न्यायमूर्ति को बहुत अच्छे तरीके से समझाने की क्षमता भी एक अच्छे वकील होनी चाहिए|

निष्कर्ष 

आपको अपने मुकदमे के लिए एक अच्छा वकील कैसे चुनना है इस विषय में हमने आपको सारी जानकारी दे दी अब ये आप पर निर्भर करता है की आप इससे कितना अच्छे तरीके से फॉलो करते हैं क्योंकि अगर आप अपने मुकदमे में एक विद्वान वकील नहीं चुनते हैं तो आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है सामने वाली पार्टी को इसका भरपूर फायदा मिल सकता हैऔर आप अपने सही मुकदमे को हार सकते हैं|