पूरा ज़ोर लगाकर भी UP में मोदी के 7 और योगी के 2 मंत्री नहीं बचा पाए अपनी सीटें जनता ने दिया झटका 

नई दिल्ली-उत्तर प्रदेश चुनाव के नतीजे जो निकलकर सामने आई है उसने भाजपा सहित पूरे देश को चौंका दिया है यहाँ से चुनाव लड़ रहे स्वयं प्रधानमंत्री सहित 12 केंद्रीय मंत्रियों में से सात मंत्री और प्रदेश सरकार के दो मंत्री चुनाव हार चूके हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित पांच केंद्रीय मंत्री अपनी सीटों पर चुनाव जीते हैं इनकी जीत भी उस बड़े अंतर से नहीं हुई है जिसकी अपेक्षा पार्टी के द्वारा की जा रही थी बहुत काम  अंतर से ये चुनाव जीते हैं|

ये मंत्री हारे चुनाव 

हारने वाले मंत्रियों की लिस्ट में स्मृति इरानी ,डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडेय, संजीव बालिया, साध्वी निरंजन ज्योति, भानु प्रताप वर्मा,अजय मिश्रा टेनी तथा कौशल किशोर के नाम शामिल है अजय मिश्रा टेनी वहीं हैं जिनके ऊपर किसान आंदोलन में  गंभीर आरोप लगे थे अनुप्रिया पटेल हारते-हारते चुनाव जीती हैं कि प्रदेश सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और जयवीर सिंह भी चुनाव में करारी शिकस्त चूके हैं जतिन प्रसाद और अनूप प्रधान चुनाव जीतने में सफल हुए हैं वहीं निजी या गठबंधन के नेता कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के साथ ही सैफई परिवार से लड़े सभी सदस्य चुनाव जीत गए हैं|

मतदाताओं ने उत्तर प्रदेश में भाजपा को दिया बड़ा झटका

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे यह स्पष्ट कर रहे हैं कि 2014 से पूरी ताकत के साथ भाजपा को सत्ता में लाने वाले यूपी के मतदाताओं का आज पूरे 10 साल बाद 2024 में भाजपा से पूरी तरह से मोहभंग हो चुका है राम मंदिर का मुद्दा जो था वह भी उतना कारगर साबित नहीं हुआ है और अयोध्या के आसपास ही भाजपा चुनाव हार गयी हैं|

पूरे चुनाव के दौरान चर्चा में रहे श्री राम मंदिर को सहेजने  वाली अयोध्या सीट से भाजपा प्रत्याशी लल्लू सिंह को सपा प्रत्याशी को अवधेश प्रताप ने चुनाव में हरा दिया है भाजपा के दूसरे दिग्गज नेताओं में पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गाँधी भोजपुरी अभिनेता दिनेशलाल यादव निरहुआ महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री कृपाशंकर सिंह पूर्व पीएम चंद्रशेखर के पुत्र नीरज शेखर,प्रदेश सरकार में मंत्री व निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ संजय निषाद के पुत्र प्रवीण निषाद प्रदेश सरकार में मंत्री व सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के पुत्र अरविंद राजभर जैसे दिग्गज नेता चुनाव में करारी शिकस्त पा चूके हैं|