Navratri 2023 : नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन समारोह को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। साधु अष्टमी तिथि या नवमी तिथि को कुमारी पूजन करते हैं। जो लोग इस दौरान व्रत रखते हैं या घर पर कन्या पूजन करते हैं उन्हें कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। अष्टमी-नवमी पूजा में केवल उन्हीं चीजों का उपयोग करें जिन्हें आप मां दुर्गा को अर्पित करने के बाद स्वयं उपयोग कर सकें।

महानवमी की महत्वपूर्ण तिथि

तिथि दिन दिनांक समय
आरंभ 22 अक्टूबर 2023 शनिवार शाम 07:58 बजे
समापन 23 अक्टूबर 2023 रविवार शाम 05:44 बजे

कन्या पूजन का क्या है महत्व ?

कन्या पूजा देवी दुर्गा की पूजा के समान है। ऐसा माना जाता है कि लड़कियों के भीतर देवी माता का वास होता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार कुमारी पूजा के लिए दो से दस वर्ष की आयु की कन्याएं उपयुक्त होती हैं। लड़कियाँ देवी दुर्गा के कई रूपों का प्रतिनिधित्व करती हैं। अगर आप इनकी पूजा करते हैं तो आपको मां दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है। जो भक्त घर में कन्या पूजन करते हैं उनके घर में कभी दरिद्रता नहीं आती और इसे बहुत ही पवित्र अनुष्ठान माना जाता है।

ऐसे करें कन्या पूजन

  • नौ कन्याओं और एक बालक को अपने घर आमंत्रित करें।
  • उत्साह के साथ लड़कियों का स्वागत करें।
  • उसके बाद कन्याओं के पैर धोएं।
  • कन्याओं के माथे पर अक्षत और कुमकुम लगाएं।
  • लड़कियों को चुनरी ओढ़नी ओढ़ाए।
  • कन्याओं को हलवा-पूरी और चने का प्रसाद खिलाएं।
  • अंत में चरण स्पर्श करें और श्रद्धानुसार दक्षिणा दें।