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Chandigarh : भारतीय वायुसेना के विरासत केंद्र ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से “एयर फोर्स कानपुर -I” विंटेज प्रोटोटाइप एयरक्राफ्ट प्राप्त किया

 

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(मनोज शर्मा)

चंडीगढ़ सेक्टर 18 में स्थापित किए जा रहे भारतीय वायु सेना (IAF) हेरिटेज सेंटर को पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पीईसी) चंडीगढ़ से आज एक वायु सेना “कानपुर -1 विंटेज प्रोटोटाइप विमान” प्राप्त हुआ है, इस सिंगल इंजन दुर्लभ मशीन को स्वर्गीय एयर वाइस मार्शल हरजिंदर सिंह वीएसएम 1, एमबीई द्वारा 1958 में डिजाइन और निर्मित किया गया था।

इस स्वदेशी मशीन को सौंपने के लिए पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ के एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग डिवीजन में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया । एयर मार्शल आर राधीश एवीएसएम वीएम, एसएएसओ, मुख्यालय पश्चिमी वायु कमान द्वारा प्रो. बलदेव सेतिया, निदेशक पीईसी से विमान प्राप्त किया गया । वर्ष 1967 में एवीएम हरजिंदर सिंह द्वारा पीईसी को उपहार में दिए गए इस विंटेज क्वीन एयरक्राफ्ट एवीएशन हैरीटेज के साथ एक मजबूत बंधन सांझा करता है। कानपुर-1 विमान को आईएएफ हेरिटेज सेंटर में अन्य विमानों के साथ प्रदर्शित किया जाएगा।

यह विमान आत्मनिर्भरता, नवाचार और ‘मेक इन इंडिया’ के सपने के महत्व को समझने के लिए आने वाली पीढ़ियों के लिए गौरव के क्षण के रूप में देखा जाने वाला एक प्रतीक है। एयर मार्शल ने बताया कि इस विमान को आईएएफ हेरिटेज सेंटर में रखने से न केवल विरासत मूल्यों का संरक्षण होगा बल्कि पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज और भारतीय वायु सेना के बीच मजबूत संबंध भी कायम होगा।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए एयर मार्शल आर राधीश एवीएसएम ने पीईसी के योगदान को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की कि 1964 में से इस डिवीजन के पहले बैच के 17 छात्र भारतीय वायुसेना में शामिल हुए हैं और अन्य डीजीसीए में शामिल हुए जिनमें एवीएम एसएस ढिल्लों, एवीएम पीपीएस काहलों, विंग कमांडर एचडी तलवार, विंग कमांडर एसएस विरदी, विंग कमांडर आरसी चौधरी, विंग कमांडर एनके कोहली के नाम आते हैं।

IAF हेरिटेज सेंटर को चंडीगढ़ प्रशासन के एक ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में देखा गया था, जिसकी कल्पना पंजाब के माननीय राज्यपाल और यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक श्री बनवारी लाल पुरोहित और एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी, वायु सेना प्रमुख ने पिछले वर्ष ही की थी। आईएएफ हेरीटेज सेंटर, चंडीगढ़ में भारतीय वायुसेना के विभिन्न पहलुओं को उजागर करने के लिए कलाकृतियों, सिमुलेटर और इंटरैक्टिव बोर्ड लगाए जाएंगे। यह भारतीय वायुसेना द्वारा युद्ध के अलावा मानवीय सहायता, आपदा राहत के लिए निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को प्रदर्शित करेगा। इसमें विभिन्न विंटेज विमान भी होंगे। हेरिटेज सेंटर में यह एयरक्राफ्ट इस शहर के युवाओं को अपनी महत्वकांक्षाओं के करियर के रूप में भारतीय वायुसेना के साथ जुड़ने के लिए और प्रेरित करने के लिए एक अहम भूमिका निभाएगा।

भारतीय वायु सेना पीईसी के सामंजस्य में संस्था के अन्य पहलुओं पर विचार करेगा, जैसे PEC के छात्रों के व्यवसायिक प्रशिक्षण और IAF और PEC के बीच विश्वास और व्यावसायिकता संबंध को और मजबूत करने के लिए औपचारिक रूप से विचार विमर्श जारी रखेगा।

इससे पूर्व पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ के निदेशक डॉ. बलदेव सेतिया ने समारोह में उपस्थित गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया ।समारोह में वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया जिनमें एयर वाइस मार्शल जीके मोहन एयर ऑफिसर कमांडिंग, एडवांस मुख्यालय डब्ल्यूएसी; एयर कमोडोर मंसीज लाल एयर ऑफिसर कमांडिंग, 12 विंग; एयर कमोडोर राजीव श्रीवास्तव एयर ऑफिसर कमांडिंग, 3 बीआरडी; ग्रुप कैप्टन पीएस लांबा वीएसएम, ओआईसी हेरिटेज सेंटर; ग्रुप कैप्टन वी अनिल कुमार, स्टेशन कमांडर 1 TETRA; तथा विंग कमांडर अरुण वर्मा शामिल थे ।

इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक के एडीसी स्क्वाड्रन लीडर अमित तिवारी भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर पीईसी चंडीगढ़ से उपस्थित अन्य अधिकारियों में डॉ. सिबी जॉन, उप निदेशक, पीईसी, कर्नल (सेवानिवृत्त) आरएम जोशी, रजिस्ट्रार और पीईसी के अन्य विभागों के डीन तथा प्रमुख सहित एयरोस्पेस इंजीनियरिंग स्टाफ भी शामिल थे।

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