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Sonebhadra: विधायक को गिरफ्तार न करने वाले दरोगा को कोर्ट ने किया था तलब,म्योरपुर इंस्पेक्टर ने दिया स्पष्टीकरण, कोर्ट ने किया स्वीकार

दुद्धी विधायक पर आरोप 30 जनवरी को होगी अगली सुनवाई

पोल खोल सोनभद्र

(राजेश पाठक)

आठ वर्ष पूर्व नाबालिग लड़की को डरा धमाका कर उसके साथ दुष्कर्म किए जाने के मामले में आरोपी दुद्धी विधायक रामदुलार बुधवार को दोपहर बाद करीब ढाई बजे कोर्ट में हाजिर आए, कोर्ट ने धारा 437 के प्रोसेस का अनुपालन कराया। सफाई साक्ष्य के लिए 30 जनवरी की तिथि नियत की है। वहीं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय राहुल मिश्रा की अदालत में विधायक को गिरफ्तार न करने वाले म्योरपुर के दरोगा बृजेश कुमार पांडेय की ओर से म्योरपुर थाने के इंस्पेक्टर अविनाश कुमार सिंह ने कोर्ट में स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक म्योरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 4 नवंबर 2014 को शाम 7 बजे उसकी नाबालिग बहन रोती हुई आई और पूछने पर बताया कि वह अब मुंह दिखाने लायक नहीं रह गई है। बहन ने बताया कि प्रधान पति रामदुलार (वर्तमान में दुद्धी विधायक हैं) ने कई बार डरा धमका कर उसके साथ दुष्कर्म किया है। डर की वजह से नहीं बताती थी।

आज भी शौच जाने के समय उसने जोर जबरजस्ती की है। किसी तरह से भाग कर आई हूं। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया और पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया है। इसी मामले में मुलजिम बयान हेतु तिथि नियत थी। 19 जनवरी को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से विशेष लोक अभियोजक सत्यप्रकाश त्रिपाठी एवं दुद्धी विधायक के अधिवक्ता रामवृक्ष तिवारी उपस्थित हुए। 10 जनवरी, 17 जनवरी व 19 जनवरी को भी बीमारी का हवाला देकर अधिवक्ता के जरिए अपलिकेशन दिया गया, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। साथ ही कड़ा रुख अपनाते हुए दुद्धी विधायक रामदुलार के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए 23 जनवरी को दुद्धी विधायक को गिरफ्तार कर कोर्ट में हाजिर कराने का आदेश सोनभद्र एसपी को दिया था।

लेकिन दुद्धी विधायक रामदुलार अपने अधिवक्ता के साथ 23 जनवरी को कोर्ट में दोपहर बाद करीब दो बजे हाजिर हुए। जिन्हें कोर्ट के कटघरे में खड़ा करा दिया गया। विधायक के अधिवक्ता रामवृक्ष तिवारी ने वारंट रिकाल प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें बीमारी तथा आवश्यक कार्य की वजह से कोर्ट में हाजिर न आने का कारण दर्शाया गया था। सुनवाई करते हुए कोर्ट ने इस हिदायत के साथ कि हमेशा नियत तिथि पर कोर्ट में हाजिर आते रहेंगे, गवाहों को डराएंगे, धमकाएंगे नहीं साथ ही दो लाख रूपये की पीबी पर वारंट निरस्त कर दिया। सरकारी वकील सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि विधायक का बयान धारा 313 के तहत दर्ज कर लिया गया।

इस मामले में एसपी सोनभद्र के जरिए म्योरपुर के जिस दरोगा को विधायक को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया था को कोर्ट ने 25 जनवरी को तलब किया था। सरकारी वकील सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि म्योरपुर थाने के इंस्पेक्टर अविनाश कुमार सिंह ने कोर्ट के समक्ष दरोगा बृजेश कुमार पांडेय की ओर से स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया। जिसमें थाने में नई तैनाती होने, गिरफ्तारी के लिए समय कम होने सहित कई तथ्यों को अवगत कराया। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। वहीं दुद्धी विधायक रामदुलार भी कोर्ट में दोपहर बाद करीब ढाई बजे हाजिर आए, जिनका धारा 437 के प्रोसेस की कार्रवाई पूर्ण हुई। अब 30 जनवरी को सफाई साक्ष्य के लिए सुनवाई की तिथि नियत की गई है।

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