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sidhi : सीधी पंचायत में सरपंच, सचिव ने कर दिखाया कारनामा बिना निर्माण कार्य के ही निकाल लिए 30 लाख रुपए, ग्रामीण हैरान व परेशान।

 

पोलखोल सीधी

सीधी जिले के जनपद पंचायत सिहावल अंतर्गत आने वाला ग्राम पंचायत बिठौली इन दिनों लगातार सुर्खियों में बना हुआ है वह इसलिए क्योंकि वहां के पूर्व सरपंच व सचिव ने बड़ा कारनामा कर दिखाया और बिना निर्माण कार्य किए ही पंचायत के खाते से एक या दो नहीं पूरे 30 लाख रुपए उड़ा दिए इस विषय को लेकर ग्रामीण काफी हैरान व परेशान है तथा शिकायत भी की है।

वैसे तो किसी न किसी कारण से बिठौली पंचायत लगातार सुर्खियों में बना रहा करता था लेकिन इन दिनों कुछ ज्यादा ही लोगों की जुबान में छाया हुआ है। और वह इसलिए कि वहां के पूर्व सरपंच सुनीता कोल पति/प्रतिनिधि राम लल्लू कोल पूर्व सचिव अविनाश चतुर्वेदी ने ऐसे विकास की पटकथा लिखी कि ग्रामीण से लेकर अधिकारी, कर्मचारी तक अपना मुंह बंद नहीं रख पा रहे।

आइए जानते हैं निम्न बिंदुओं के आधार पर कि किस तरह से बिना निर्माण कार्य किए हैं निकल गई राशि

बिठौली मंदिर परिसर में चबूतरा प्लेटफार्म एवं समतलीकरण तथा सीढ़ी निर्माण कार्य को दिखाकर बिना निर्माण कार्य किए ₹896640 आहरित की गई। वही जब हमारे द्वारा मंदिर परिसर के पास जाकर देखा गया तो वहां पर कुछ भी नहीं मिला तथा ग्रामीण शिवराज पटेल, रामानुज तिवारी जो बिठौली शिव मंदिर में पुजारी भी हैं तथा अन्य कई लोगों के द्वारा यह बताया गया, जब पूर्व सरपंच रामायण पटेल हुआ करते थे उसी समय वर्ष 2010 में चबूतरे का निर्माण कार्य कराया गया था उसके पश्चात आज तक कोई कार्य नहीं हुआ है। जोकि 20/9/2010 चबूतरे में लिखा भी गया है।

दद्दी यादव के घर के सामने होलिका दहन के लिए चबूतरा निर्माण कार्य प्रस्तावित था ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर चबूतरा का निर्माण कार्य नहीं किया गया है, और ₹236400 राशि आहरित कर ली गई है।
पंचायत में 15 हैंडपंपों के पास सोक पिट गड्ढा का निर्माण कार्य कागजों में दर्शा कर ₹191950 निकाला गया है जबकि ग्रामीणों के साथ हमारी टीम के द्वारा कई हैंडपंपों का निरीक्षण किया गया जहां पर एक भी सोक पिट गड्ढा नहीं दिखा।

राम सिया कुशवाहा के घर से राम दरस पटेल के घर तक पीसीसी सड़क का निर्माण कार्य किया जाना था परंतु सिर्फ 50 मीटर पीसीसी सड़क निर्माण कार्य करके ₹476000 राशि आहरित कर ली गई है।
ग्रामीणों के अनुसार बिठौली शिव मंदिर परिसर में सामुदायिक शौचालय का निर्माण महिला एवं पुरुष पृथक रूप से प्रस्तावित था परंतु बिना निर्माण कार्य किए ही ₹125400 आहरित कर ली गई है।

 

और तो और ग्राम रोजगार सहायक बृजनंदन पटेल ने जानकारी देते हुए बताया है कि मुझे 6 अप्रैल 2022 को सचिव का प्रभार मिला और 8 अप्रैल 2022 को ₹499250 आहरित हो गई है। जिसमें से यह दर्शाया गया है कि पंचायत भवन का फर्नीचर ₹94000 जबकि ग्राम रोजगार सहायक के द्वारा बताया गया कि पंचायत भवन में कोई फर्नीचर नहीं है, वहीं हैंड पंप सेट ₹49500 मरम्मत कार्य ₹36000 क्वॉरेंटाइन सेंटर ₹29600 विस्तारीकरण ₹122600 स्वच्छता कार्य 43606 एवं हैंड पंप की प्राइस ₹47500 आहरित की गई है।

कुल मिलाकर 29 लाख 39 हजार 790 रुपए पंचायत की राशि हवा हवाई हो गई जबकि धरा पटल पर एक भी रुपए का कार्य नहीं हुआ है। वहीं जांच के पश्चात ही इस बात का पता लग पाएगा कि अभी कितना विकास कार्य सरपंच एवं सचिव ने ग्राम पंचायत बिठौली में किया है।

वहीं फर्जी रूप से सचिव अविनाश चतुर्वेदी के द्वारा अपने भाई अंकित चतुर्वेदी के खाते में मनरेगा मजदूरी की राशि जोकि पंचायत दर्पण पोर्टल में अंकित 15 सितंबर 2021 की स्थिति में निर्मल भारत स्वच्छ भारत अभियान व्यक्तिगत शौचालय की मजदूरी की राशि बिल नंबर दो  ₹14770 एवं कार्यालय व्यय एवं अन्य सामग्री क्रय की राशि बिल नंबर 181 ₹70000, तथा 9 फरवरी 2022 की स्थिति में निर्मल भारत स्वच्छ भारत अभियान सामुदायिक शौचालय की सामग्री बिल नंबर 709 एवं 710 क्रमशः 90000 एवं 80000 अंकित ट्रेडर्स के खाते में डाली गई है। फिलहाल यह जानकारी पंचायत दर्पण पोर्टल के अनुसार है जांच में अभी और खुलासा हो सकता है।

इस संबंध में जब हमारे द्वारा भूतपूर्व सरपंच प्रतिनिधि राम लल्लू कोल से बातचीत की गई तो वह गोल मटोल जवाब देने लगे और कहा चबूतरा, सीढ़ी का एक साथ एस्टीमेट बना था लेकिन नहीं बन पाया, जब इस संबंध में ग्राम रोजगार सहायक बृजनंदन पटेल से जानकारी चाही गई तो उनके द्वारा बताया गया कि हमारे पास कोई भी रिकॉर्ड नहीं है। और ना ही उक्त निर्माण कार्य हुए हैं। वही नवनिर्मित सरपंच प्रवेश पटेल का कहना है कि वास्तव में राशि आहरित है और निर्माण कार्य कुछ भी नहीं हुआ है। इसकी निष्पक्षता पूर्वक जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।

 

वही जनपद पंचायत सिहावल के तीन से चार कर्मचारियों के द्वारा जब हमारे द्वारा यह सवाल पूछा गया तो उन्होंने नाम न लिखने की शर्त पर यह बताया कि इस पूरे पैसे का बंदरबांट ऊपर से लेकर नीचे तक विधिवत रूप से हुआ है। वहीं जब हमारा कैमरा संबंधित सचिव अविनाश चतुर्वेदी के तरफ घुमा तो वह भागते नजर आए और कहा कि हमारी पंचायत को छोड़कर अन्य कई पंचायतें हैं वहां भी देख लीजिए इससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि “सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का”।

 

जब मीडिया के द्वारा एस.डी.ओ. RES सिहावल राजेश पटेल से सवाल किया तो उन्होंने कैमरे के सामने तो नहीं बताया परंतु मौखिक रूप से बताया ts और as तो हमारे द्वारा किया गया था परंतु मूल्यांकन जरूरी नहीं है कि वरिष्ठ अधिकारी करें उन्होंने कहा कि पंचायत राज अधिनियम में वर्णित है कि सरपंच एवं सचिव खुद मूल्यांकन कर सकते हैं। और उन्हें राशि आहरित करने का अधिकार है, जिस प्रकार का बंदरबांट ग्राम पंचायत बिठौली में देखने को मिला इससे साफ तौर पर समझा जा सकता है कि अधिकारी के द्वारा मिलीभगत कर किस प्रकार राशि का बंदरबांट किया जाता है। हालांकि हम इस बात की पुष्टि नहीं करते हैं कि अधिकारी की मिलीभगत थी कि नहीं जिस प्रकार से बिठौली ग्राम पंचायत का राशि का बंदरबांट देखने को मिल रहा है अगर इस मामले को वरिष्ठ अधिकारी के द्वारा संज्ञान में लिया जाए और जांच की जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

 

इनका कहना है:

हमारे द्वारा जांच टीम गठित कर दी गई है जैसे ही रिपोर्ट आती है उचित कार्यवाही की जाएगी।

अनिल तिवारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सिहावल।

हमारे द्वारा बिठौली ग्राम पंचायत में पंचायत समन्वयक अधिकारी कामता प्रसाद तिवारी के साथ जाकर तथ्यों की जांच की गई है जिसमें निर्माण कार्य होना नहीं पाया गया है जिसका प्रतिवेदन एवं स्थल पंचनामा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सिहावल को सौंप दिया गया है।

 

राजेश पटेल SDO res सिहावल

अब पूरी जानकारी प्राप्त होने के बाद यह तो स्पष्ट हो रहा है कि दाल में कुछ काला नहीं पूरी दाल ही काली है तो क्या ऐसे कर्मचारियों पर विकास खंड अधिकारी या जिला प्रशासन कार्यवाही कर भ्रष्टाचार हुए राशि को वापस लेगी या जनता के खून पसीने की कमाई भ्रष्टाचारियों की भेंट चढ़ती रहेगी बड़ा और अहम सवाल है देखना दिलचस्प होगा कि खबर प्रकाशन के बाद जिले के वरिष्ठ अधिकारी या जनपद के अधिकारी संज्ञान लेते हैं या ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है वहीं सूत्रों की मानें तो संबंधित भ्रष्टाचार करने वाले राजनीतिक पकड़ में अपनी अच्छी खासी पहुंच रखते हैं ।

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