FEATUREDभारतमध्यप्रदेश

Sidhi : देव गौशाला पिपरोहर में आयोजित हुआ गोपाष्टमी कार्यक्रम

 

हवन गौ पूजन के साथ ही गौ सेवकों को अंगवस्त्र से किया गया सम्मानित

पोल खोल सीधी

भारतीय गोवंश संरक्षण एवं संवर्धन इकाई सीधी द्वारा देव गौशाला पिपरोहर में कृष्ण शुक्ल पक्ष की अष्ट्मी तिथि के अनुसार गोपाष्टमी का कार्यक्रम विश्व हिन्दू परिषद महकौशल प्रान्त के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह बघेल के मुख्य अतिथि, जनपद पंचायत सीधी के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह परिहार की अध्यक्षता एवं बजरंगदल पूर्व जिला संयोजक सीधी श्रीराम सोनी “सोहिल”, सहायक संचालक पशु चिकित्सालय सीधी डॉ एस.के. सिंह, पिपरोहर पंचायत सरपंच अनीता साकेत के विशिष्ट अतिथ्य में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम का शुभारम्भ गौ माता के माथे पर अक्षत, चन्दन, पुजन, हवन एवं गौ सेवकों को अंगवस्त्र भेंट कर किया गया। तत्पश्चात जन सभा को भी मंचस्थ विराजमान अतिथियों द्वारा सम्बोधित किया गया। मुख्य अतिथि ने अपने विचारों को रखते हुए कहा की हिन्दू धर्म में गाय को दिव्यगुणों का स्वामी कहा गया है। गाय में देवी-देवता का निवास माना गया है गोपाष्टमी की पूर्व संध्या पर गाय की पूजा करने वाले लोगों को सुख समृद्धि और सौभाग्य प्राप्त होता है।

दरअसल द्वापर युग से चला आ रहा ये पर्व कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा से लेकर सप्तमी तक भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत धारण किया था। आठवें दिन इंद्र अपना अहंकार और गुस्सा त्यागकर श्रीकृष्ण के पास क्षमा मांगने आए थे, तभी से कार्तिक शुक्ल अष्टमी को गोपाष्टमी का उत्सव मनाया जा रहा है। गाय को हमारी संस्कृति में पवित्र माना जाता है।

श्रीमद्भागवत में लिखा है कि जब देवता और असुरों ने समुद्र मंथन किया तो उसमें कामधेनु निकली, पवित्र होने की वजह से इसे ऋषियों ने अपने पास रख लिया। माना जाता है कि कामधेनु से ही अन्य गायों की उत्पत्ति हुई। श्रीमद्भागवत में इस बात का भी वर्णन है कि भगवान श्रीकृष्ण भी गायों की सेवा करते थे। कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण एवं आभार देव गौशाला के संचालक अर्जुन सिंह द्वारा किया गया। उक्त कार्यक्रम में सीताशरण सिंह, राजबहादुर सिंह, जगजीवन यादव, प्रद्युमन पटेल, देवी सिंह सहित सैकड़ो सामजिक कार्यकर्ता उपस्थिति रहें l

[URIS id=12776]

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button

Adblock Detected

Allow me