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जिलेभर में मनाया गया दीपोत्सव कलेक्टर ने भी दीप प्रज्जवलित किये

 

महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर किया गया दीपों का प्रज्जवलन

मध्यप्रदेश के 67 वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में जिले में एक से 7 नवम्बर तक जिला एवं विकासखंड स्तर पर विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में समारोह के तीसरे दिन गुरूवार को जिले के ऐतिहासिक स्मारकों, महापुरूषों की प्रतिमाओं, महत्वपूर्ण स्थलों पर 67 दीपों के प्रज्जवलन के कार्यक्रम आयोजित किये गये। जगह- जगह रंगोली बनाई गई और मध्यप्रदेश के नक्शे को फूलों व दीपों से सजाया गया। जिलेभर में दीपोत्सव मनाया गया। सार्वजनिक इमारतों एवं स्मारकों पर रोशनी की गई।

कलेक्ट्रेट परिसर में कलेक्टर  रोहित सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर दीपोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष भी दीप प्रज्जवलित किया। कलेक्टर की मौजूदगी में नरसिंह मंदिर परिसर में भी दीप प्रज्जवलित किये गये। साथ ही आतिशबाजी भी की गई। अपर कलेक्टर  दीपक कुमार वैद्य, अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी दीप प्रज्जवलित किये। कलेक्ट्रेट नरसिंह भवन और नरसिंह मंदिर रोशनी से जगमगा रहे थे।

इसी क्रम में राज्य शासन द्वारा संरक्षित जिले के स्थलों पर साफ- सफाई और दीप प्रज्जवलन के कार्यक्रम आयोजित किये गये। इन संरक्षित स्मारकों में तहसील गाडरवारा के तहत चौगान का किला, चौरागढ़, गोटेगांव के तहत पांडव मठ, नौनिया, करेली के तहत बरमानकलां के सोमेश्वर मंदिर व प्राचीन गरूड़ स्तंभ और नरसिंहपुर के तहत चतुर्भुजी बालाजी की मढ़िया बचई, पुराना गौड़ महल, राजमहल पिठहरा,  shivrajगरूड़ देव मंदिर ग्राम गरारू, शिव मंदिर ग्राम गरारू एवं नरसिंह मंदिर नरसिंहपुर शामिल हैं।

चिन्हित पर्यटन स्थलों में तहसील करेली के तहत ब्रम्हांड घाट बरमान, हाथी घाट, सरसला पहाड़ी, रीछई जलाशय, छोटा धुंआधार, मृगन्नाथ व केरपानी में राजा हृदयेशाह की प्रतिमा स्थली, गाडरवारा के तहत चौगान का किला, लुक्का महादेव, रानी दहार, छोटा जबलपुर व धूनी वाले दादाजी, तेंदूखेड़ा के तहत चांवरपाठा का गोंडवाना किला एवं ढिलवार में ऐतिहासिक इमारत बावड़ी, गोटेगांव के तहत टोन घाट बरहटा, झौंतेश्वर आश्रम एवं बरहटा का पांडव मठ, पांडव गुफा और नरसिंहपुर के तहत नरसिंह मंदिर नरसिंह तालाब, गुरू गुफा, राजा बाबू, दादा महाराज (दूल्हादेव), गरारू का गरूड़ मंदिर एवं बवरिया जलाशय शामिल हैं।

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