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Singrauli: निजीकरण के विरोध में दिल्ली में संसद का घेराव व विशाल प्रदर्शन 17 को

 

पोल खोल सिंगरौली

सिंगरौली भारतीय कोयला खदान श्रमिक संघ सिंगरौली के महामंत्री राजेश कुमार पटेल द्वारा बताया गया कि 17 नवंबर 2022 को सरकार के निजीकरण ,निगमीकरण, विनिवशीकरण के विरोध में दिल्ली में संसद भवन पर विशाल प्रदर्शन के माध्यम से विरोध किया जाएगा जिसमें भारतीय कोयला खदान श्रमिक संघ सिंगरौली कि प्रत्येक इकाइयों में सरकार के विरुद्ध पब्लिक सेक्टर बचाओ देश बचाओ , PUC सेव कंट्री सेव के तहत नॉर्दर्न कोलफील्ड लिमिटेड की समस्त परियोजना में इसके विरोध में नारेबाजी गेट मीटिंग जगह-जगह जाकर जन जागरण का कार्यक्रम करना साथ ही साथ सभी मजदूर भाइयों में यह संदेश पहुंचाना की भारतीय मजदूर संघ का सदैव एक मात्र लक्ष्य था जब जब औद्योगिक क्षेत्र में अथवा श्रमको में समस्या या संकट छाया है

तो सदैव भारतीय मजदूर संघ उस संकट से उभरने का कार्य करता रहा करता है और और अपने लक्ष्य अनुसार राष्ट्रीय हित, उद्योग हित ,श्रमिक हित कि नीति को अपनाते हुए सदैव श्रमिक हितों के लिए संघर्ष करता चला आ रहा है भारतीय मजदूर संघ का मानना है शक्तिशाली सरकार का सामना शक्तिशाली संगठन ही कर सकता है इसी के तहत 1996 में जब अटल बिहारी वाजपेई की सरकार थी उस समय भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक राष्ट्र ऋषि स्वर्गीय दांतों पंथ ठेगेड़ी जी ने उस समय के वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा अर्थ मंत्री थे उन्होंने उन्हें अर्थमंत्री ना कहकर खुले मंच से अनर्थ मंत्री कहा जिसका नतीजा यह हुआ कि 15 दिन के बाद ही उनकी छुट्टी हो गई इस प्रकार भारतीय मजदूर संघ की ताकत को उन्होंने 1996 में सिद्ध कर दिया

महामंत्री पटेल ने बताया जब भारत देश 1947 में आजाद हुआ उस समय 5 पब्लिक सेक्टर और 27 करोड की राशि से पब्लिक सेक्टर की नीव डाली गई और एक लंबा सफर तय किया गया परंतु पब्लिक सेक्टर को जो सदैव सोने का अंडा देने वाली कहलाती है उसके विरोध के तहत 1991 की तत्कालिक सरकार द्वारा तथा 1991 में देश के प्रधानमंत्री पी वी नरसिंह द्वारा अर्थमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा न्यू अर्थव्यवस्था के तहत प्राइवेटाइजेशन, ग्लोबलाइजेशन ,आईपीओ शेयर बेचना की नीति ,नई अर्थव्यवस्था के तहत लाने पर पब्लिक सेक्टर के क्षेत्र में सेंध लगाने का कार्य किया अभी कुछ समय पहले की ही बात है की सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र में कार्य करने वाले समस्त मजदूर भाई सभी साथियों ने करोना जैसी विषम परिस्थितियों में अपनी जान और माल का ध्यान ना रखने हुआ दिन-रात 24 घंटे लगातार संघर्ष करते हुए समस्त पब्लिक सेक्टर के श्रमिक भाई कार्य करते रहे हैं

चाहे कोल सेक्टर की बात कहें या फिर चिकित्सा क्षेत्र में वेंटीलेटर बनाने के लिए हो, एयरपोर्ट अथॉरिटी हेलीकॉप्टर , व पावर सेक्टर की बात कहें ऐसे कई अनेकों क्षेत्र है जिसमें करोना कॉल जैसे विकट स्थिति में सभी मजदूर साथियों ने लगातार दिन और रात ना देखते हुए देश और जनता की सेवा में लगे हुए थे और दूसरी तरफ सरकार करोना काल स्थिति में आपदा ही अवसर है का फार्मूला अपनाते हुए समस्त सरकारी सार्वजनिक पब्लिक सेक्टर क्षेत्रों को निजीकरण की राह में धकेलने का कार्य किया है

उन्हें भली-भांति ज्ञात था कि मजदूर उनकी नीतियों का विरोध करोना काल स्थिति में न धरना कर सकता है ना प्रदर्शन कर सकता है ना आंदोलन कर सकता है ना ही हड़ताल कर सकता है ऐसी स्थिति का फायदा लेते हुए संपूर्ण क्षेत्र में निजी करण की बीमारी को फैला दिया और सभी क्षेत्रों को निजी करण की ओर निगमीकरण की ओर वैश्वीकरण की ओर धकेलने का कार्य किया है जैसे कि भारतीय मजदूर संघ का मानना है कोई भी सरकार यदि मदमस्त हाथी की तरह चाल चलती रहेगी तो अंकुश लगाने का कार्य जनवादी संगठन भारतीय मजदूर संघ ही कर सकता है l

भारतीय मजदूर संघ का थंब रूल है जो सरकार मजदूर का समर्थन करेगी तो वह सरकार का समर्थन करेगा यदि सरकार मजदूर विरोधी कृत्य करती है तो सरकार का विरोध करेगा यही उसका नारा भी है l भारतीय मजदूर संघ ने जो 17 नवंबर 2022 को संसद भवन का घेराव करने का निर्णय लिया है उसमें उसकी मांगे सर्वजनिक उपकरण के निजीकरण विनिवेश पर रोक लगाना पब्लिक सेक्टर चेत्र में आउटसोर्सिंग पर रोक लगाना ऐसी NCWS11 के समझौतों को शीघ्र से शीघ्र किया जाना कोयला उद्योग में नई भर्ती करना, सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, चिकित्सा स्कीम को सरल बनाना ,ऐसे कई समस्याओं के साथ लेकर श्रमिक हित में कार्य करते हुए संपूर्ण भारत देश में कार्यरत पब्लिक सेक्टर सरकारी क्षेत्र सार्वजनिक क्षेत्र मे लगे हुई श्रमिकों द्वारा लाखों की संख्या में 17 नवंबर 2022 को संसद भवन का घेराव कर विशाल प्रदर्शन के माध्यम से सरकार को चेतावनी देने का कार्य किया जाना है और साथ ही साथ सरकार को आगाह कर देना है कि यदि वह मजदूर विरोधी नीति, निजी करण निगमीकरण, विनियमितीकरण मैं रोक नहीं लगाती तो भारतीय मजदूर संघ को अच्छी तरह से सरकार में अंकुश लगाना का कार्य आता है l

भारतीय कोयला खदान श्रमिक संघ सिंगरौली के महामंत्री राजेश पटेल द्वारा यह भी बताया गया कि नार्दन कोलफील्ड लिमिटेड कोयला क्षेत्र से तथा जिला भारतीय मजदूर संघ द्वारा हजारों के तहत पर सिंगरौली के श्रमिकों के माध्यम से संसद भवन के घेराव के लिए 17 नवंबर 2022 को हजारों की संख्या में श्रमिक धरना प्रदर्शन और घेराव में शामिल हो रहे हैं l जिसके तहत गेट मीटिंग पीठ मीटिंग नारेबाजी भजन जागरण का कार्य श्रमिकों के बीच में किया जा रहा है l

 

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