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Sidhi: बाजार के मूल्य पर नियंत्रण रखने सीधी में स्थापित होगा केन्द्र

 

सरकार के मूल्य नियंत्रण केन्द्र की 22 आवश्यक वस्तुओं पर रहेगी निगरानी

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सीधी|
जिले में भारत सरकार द्वारा जल्द ही मूल्य नियंत्रण केन्द्र स्थापित किया जा रहा है। मूल्य नियंत्रण केन्द्र के संचालित हो जाने का बाजार में बिकने वाली 22 आवश्यक वस्तुओं की कीमतों की मानीटरिंग सीधे तौर पर की जाएगी। अभी सीधी जिले का हाल ये है कि यहां के व्यापारी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें मनमानी तरीके से बढ़ाते और घटाते रहे हैं। यदि किसी आवश्यक वस्तु की कीमत सरकार की ओर से कम कर दी जाती है तो भी उसका लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल पाता। जबकि यदि किसी आवश्यक वस्तु के दाम बढऩे की खबर आती है तो तत्काल व्यवसायी उसके दाम बढ़ाकर उपभोक्ताओं से मनमानी वसूली करना शुरू कर देते हैं।

व्यापारी अब मनमानी नहीं बढ़ा सकेंगे कीमतें

सीधी में मूल्य नियंत्रण केन्द्र के स्थापित होने के बाद निश्चित ही उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी तथा व्यापारियों की मनमानियों पर भी अंकुश लगेगा। दरअसल भारत सरकार मूल्य नियंत्रण केन्द्रों के माध्यम से 22 आवश्यक वस्तुओं के दैनिक बाजार भाव की मानीटरिंग करती है। ये काम उपभोक्ता मामला विभाग करता है। अभी चिन्हित जिलों में ही मूल्य नियंत्रण केन्द्र स्थापित है लेकिन भारत सरकार ने बाजार के मूल्यों की सटीक जानकारी के लिए देश के प्रत्येक जिले में मूल्य नियंत्रण केन्द्र खोलने का निर्णय लिया है। इसमें मध्यप्रदेश में अभी 11 जिलों में ये केन्द्र स्थापित है। लिहाजा शेष 41 जिलों में केन्द्र खोलने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। मूल्य नियंत्रण केन्द्रों द्वारा 22 आवश्यक वस्तुओं के दैनिक बाजार भाव (थोक और खुदरा) उच्च आय वर्ग, मध्यम आय वर्ग और निम्न आय वर्ग के हिसाब से इकट्ठा किए जाते हैं। इन्हे प्रतिदिन भारत सरकार को भेजा जाता है। इसके आधार पर सरकार ये निगरानी रखती है कि किसी वस्तु की कीमत अनापेक्षित तरीके से तो नहीं बढ़ रही है या फिर इन वस्तुओं का महंगाई में कितना योगदान है। भारत सरकार एक मजबूत मूल्य रिपोर्टिंग प्रणाली विकसित करने जा रही है। लिहाजा अब सभी जिलों में मूल्य नियंत्रण केन्द्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसको लेकर मुख्य सचिव मध्यप्रदेश को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। केन्द्र स्थापित करने के पहले 10 दिन के ट्रायल पीरियड तय किया गया है। इन दिनों में प्रतिदिन तय प्रारूप में जिलों से दैनिक बाजार भाव केन्द्र को भेजे जाएंगे जहां इनकी नियमित समीक्षा होगी।

मूल्य नियंत्रण केन्द्र की जिला मुख्यालय सीधी में स्थापना होने के बाद से व्यापारियों की मनमानियों पर जहां तेजी के साथ नकेल कसेगी वहीं उपभोक्ताओं को शासन की मंशा के अनुसार कीमतों पर आवश्यक वस्तुओं की सुलभता होगी। अभी तक जिले में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है जिससे बाजार में व्यापारियों द्वारा आवश्यक वस्तुओं की बढ़ाई जा रही कीमतों पर नजर रखी जाय और जहां से शिकायतें मिलती हैं उनके विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित हो सके।

इन आवश्यक वस्तुओं की होगी निगरानी

भारत सरकार द्वारा स्थापित किए जा रहे मूल्य नियंत्रण केन्द्र से जिन 22 आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर निगरानी की जाएगी उनमें चावल, गेहूं, आटा, चना, दाल, अरहर दाल, उड़द दाल, मूंग दाल, मसूर दाल, मूंगफली का तेल, सरसों का तेल, वनस्पति, सोया तेल, सूरज मुखी तेल, पाम तेल, आलू, प्याज, टमाटर, चीनी, गुड़, दूध, चाय और नमक शामिल हैं। इनके प्रतिदिन के थोक और फुटकर भाव पर नजर रखी जाएगी।

जानकारों का कहना है कि सीधी जिले में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें हमेशा से बनी हुई हैं। होता यह है कि यदि किसी भी सामान की कीमत क्विंटल 10 रूपए बढ़ता है तो जिले के व्यापारी उस कीमत को सीधे 10 रूपए किलो बढ़ाकर बेचना शुरू कर देते हैं। इसकी शिकायत आम उपभोक्ता जानकारी के अभाव में कहीं नहीं कर पाता। वह सीधे सरकार को कोसता रहता है कि गलत नीतियों के चलते ही आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। व्यवसायियों की मुनाफाखोरी के चलते सीधी जिले के उपभोक्ता सबसे ज्यादा परेशान हैं। ऐसे में भारत सरकार का मूल्य नियंत्रण केन्द्र जिला मुख्यालय में संचालित होकर जब थोक एवं फुटकर व्यापारियों के प्रतिदिन आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर निगरानी करते हुए रिपोर्टिंग सीधे भारत सरकार के कार्यालय को भेजी जाएगी तो निश्चित ही व्यापारियों के मुनाफाखोरी पर कड़ाई के साथ अंकुश लगेगा।

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