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Sidhi: प्रधान जिला न्यायाधीश  अमिताभ मिश्र  ने किया नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ

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सीधी| राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला न्यायाधीश अमिताभ मिश्र के मार्गदर्शन में दिनांक 12 नवंबर को जिला न्यायालय सीधी एवं सिविल न्यायालय चुरहट, रामपुर नैकिन तथा मझौली में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री मिश्र, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह, उप पुलिस अधीक्षक अंजुलता पटले एवं अन्य न्यायाधीशगण द्वारा जिला न्यायालय परिसर में दीप प्रज्वलन कर किया गया।

प्रधान जिला न्यायाधीश श्री मिश्र ने अपने उद्बोधन में कहा कि न्यायालय में लंबे समय तक प्रकरणों के लंबित होने से निराकरण के लिए लोक अदालत का आयोजन प्रारंभ हुआ। उन्होंने कहा कि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों का जल्दी निराकरण हो जाता है। श्री मिश्र ने अधिवक्तागण से प्रकरणों का जल्दी निराकरण करने की अपील की एवं अभिभाषकगण से सहयोग की अपेक्षा की। श्री मिश्र ने कहा कि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों का निराकरण कम समय में हो जाता है तथा समय की बचत होती है। श्री मिश्र ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के शिविर से आम जन को सहायता मिले, आम जन अपने अधिकारों से परिचित हो, आम जन को जागरूक होने के लिए अपील की। श्री मिश्र ने नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन में अधिवक्ताओं के सहयोग की प्रशंसा करते हुये कहा कि अब तक लोक अदालतों को सफल बनाने हेतु अधिवक्ताओं का अदम्य सहयोग प्राप्त हुआ है तथा वर्ष 2022 की अंतिम नेशनल लोक अदालत में अधिवक्तागण, प्रशासनिक अधिकारियों आदि से और अधिक सहयोग की अपेक्षा की है।

विशेष न्यायाधीश प्रशांत कुमार निगम ने कहा लोक अदालत एक मौका है अपने प्रकरणों को कम समय एवं आसानी से निराकरण करने का। श्री निगम ने दिनांक 12.11.22 के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री सिंह ने कहा कि लोगों में जागरूकता पैदा करना है ताकि लोग लोक अदालत में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेकर अपने प्रकरणों का त्वरित राजीनामा के द्वारा निराकरण कराये। श्री सिंह ने नेशनल लोक अदालत की लाभों का वर्णन करते हुये बताया कि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से न्यायालयों में लंबित कई प्रकरणों का निराकरण हो जाता है जिससे न्यायालय के पास गंभीर प्रकरणों के निराकरण हेतु पर्याप्त समय बचता है। श्री सिंह ने अभिभाषकगण को अंतिम समय तक लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों का निराकरण करने हेतु बल दिया।

उप पुलिस अधीक्षक सुश्री पटले ने कहा कि नेशनल लोक अदालत त्वरित न्याय की व्यवस्था का व्यवस्थित स्वरूप है। सुश्री पटले ने कहा कि शमनीय अपराधों का निपटारा नेशनल लोक अदालत के माध्यम से आसानी से हो जाता है एवं बैंक चैक के प्रकरणों का निपटारा राजीनामा द्वारा आसानी से किया जाता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव कविता दीप खरे ने नेशनल लोक अदालत के बारे में विस्तार से बताया तथा यह भी बताया कि लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों का निपटारा आसानी से एवं जल्दी हो जाता है। जिला विधिक सहायता अधिकारी सिद्धार्थ शुक्ला ने शुभारंभ कार्यक्रम में उपस्थित हुये समस्त अतिथियों का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम का संचालन कविता दीप खरे सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश प्रशांत कुमार निगम, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय सुधीर सिंह चौहान, प्रथम जिला न्यायाधीश विवेक कुमार सिंह, द्वितीय जिला न्यायाधीश राजेश कुमार श्रीवास्तव, तृतीय जिला न्यायाधीश नोरिन निगम, चतुर्थ जिला न्यायाधीश गौतम कुमार गुजरे, प्रथम अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, ललित कुमार झा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कविता दीप खरे, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पुष्पक पाठक, न्यायाधीशगण , लवकेश सिंह, शोभना मीणा, रेणु श्रीवास्तव, शुभांषु ताम्रकार, विशद गुप्ता, प्रशांत पाण्डेय, मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी आई.जी. गुप्ता, अधिवक्ता संघ के अधिवक्तागण राजेन्द्र सिंह परिहार, विनोद कुमार श्रीवास्तव, भरतलाल गुप्ता, देवेन्द्र सिंह परिहार, सहित समस्त अधिवक्तागण तथा विद्युत विभाग, बैंक एवं नगरीय निकाय के प्रशासनिक अधिकारीगण, प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के सदस्य एवं जिला न्यायालय तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

जिला विधिक सहायता अधिकारी सिद्धार्थ शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण हेतु जिला मुख्यालय सीधी में 20 खण्डपीठें, व्यवहार न्यायालय चुरहट में 03, मझौली में 03 व रामपुर नैकिन में 02 खंडपीठे गठित की जाकर कुल 20 न्यायिक खण्डपीठें गठित की गई थी। नेशनल लोक अदालत में समझौता योग्य आपराधिक, सिविल, विद्युत अधिनियम, श्रम, मोटर दुर्घटना दावा, निगोशियेबल इस्ट्रूमेन्ट एक्ट के अन्तर्गत चेक बाउंस प्रकरण, कुटुम्ब न्यायालय तथा, नगर पालिका के जलकर से संबंधित प्रकरणो के सहित विद्युत वितरण कम्पनी, समस्त बैंकों के ऋण वसूली मुकदमा पूर्व प्री-लिटिगेशन के प्रकरण इस लोक अदालत में निपटारे हेतु रखे गये।

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