FEATUREDभारतमध्यप्रदेश

Sidhi: स्वसहायता समूह से जुड़कर प्रेमवती कुशवाहा ने स्थापित की वेल्डिंग मशीन

मेहनत और लगन से बदलती है तकदीर

सीधी| मप्र डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर आज ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं ने नए मुकाम हासिल किए हैं। जो कभी अपनी पूरी ऊजार् घरेलू गतिविधियों में ही लगा देती थीं आज घर के साथ .साथ आथिर्क गतिविधियों का भी संचालन कर रही हैं। अपनी छोटी.छोटी बचत से उन्होंने अपने व्यवसाय स्थापित किये हैं और आज आत्मनिभर्र हैं।

सीधी जिला मुख्यालय से दूरान्चल में स्थित ग्राम सरैहा ग्राम पंचायत ठोंगा विकासखंड मझौली की रहने वाली प्रेमवती कुशवाहा एक गरीब परिवार की महिला है। ग्राम में ग्रामीण आजीविका मिशन की पहुंच होने पर जय मां शारदे स्वसहायता समूह से जुड़कर निरंतर बैठक एवं बचत करने लगी। एक ही सामुदाय ;कुशवाहाद्ध का समूह होने के कारण आपसी ताल.मेल सही था। प्रतिमाह 40 रूपये प्रति सदस्य बचत कर नियमित रूप से समूह की बैठक कर रही है। साथ ही चक्रिय राशि 15 हजार रूपये स्वसहायता समूह को प्राप्त हो चुका है। दो साल में समूह के द्वारा 11 हजार 460 रूपये बचत एवं 75 हजार रूपये सामुदायिक निवेश निधि की राशि प्राप्त हुई। समूह बैठक में स्वसहायता समूह का सीसीएल करवाने हेतु महिलाओं द्वारा निणर्य के आधार पर नगद शाख सीमा 03 लाख रूपये यूण्बीण्आईण् बैंक शाखा मझौली द्वारा जारी की गई। प्रेमवती कुशवाहा ने समूह की बैठक में वेल्डिंग मशीन गतिविधि करने का प्रस्ताव रखा। जिसका सभी सदस्यों द्वारा समथर्न एवं सहमति के आधार पर राशि 01 लाख रूपये ऋण के रूप में प्रदाय किया। साथ ही स्वयं के बचत से 15 हजार रूपये व्यवसाय में लगाई।

प्रेमवती कुशवाहा ने कभी नही सोचा था कि वो समाज के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनेगी। पति दिनेश कुशवाहा भी मिस्त्री के साथ रहकर खिड़कीए दरवाजाए चैकठए जालीए सेंन्ट्रिंग प्लेट निमार्ण कायर् में संलग्न रहते हैं। दुकान जनपद पंचायत मुख्यालय मझौली मुख्य द्वार के सामने होने के कारण आस.पास के पंचायतों में नव निमिर्त प्रधानमंत्री आवास के चैकठए खिड़कीए दरवाजा आदि का ऑडर्र मिलता रहता है। जिसके कारण दिन भर का काम बना रहता है।

प्रेमवती कुशवाहा निरंतर व्यवसाय के साथ.साथ पोषण वाटिका का निमार्ण जैविक कृषि आधारित सब्जी उत्पादन के कायर् में भी समय देती है। प्रेमवती कुशवाहा द्वारा मौसम के हिसाब से धानध्गेहूंध्महुआ एवं डोणी आदि का भी क्रय विक्रय कर आमदनी का स्त्रोत बना रही हैं। जिससे परिवार को हर दिन ताजी हरी सब्जी मिल जाती है साथ ही सब्जी विक्रय का भी कायर् कर लेती हैं। आज की स्थिति में परिवार प्रतिमाह औसतन बिल्डिंग वकर् शॉपध्सब्जी उत्पादनध्खेती के माध्यम से 13 हजार से 15 हजार रूपये प्रति माह की आमदनी अजिर्त कर रही हैं। प्रेमवती कुशवाहा अपने दोनों बच्चों को अच्छी शिक्षा दिला रही हैं।

प्रेमवती कुशवाहा पूणर् रूप से अपनी आथिर्क स्थिति में आये बदलाव के लिए स्वयं की मेहनत एवं सहयोग के लिए मण्प्र डे.राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को सफलता का श्रेय देती है। प्रेमवती कुशवाहा का कहना है कि वह भविष्य में लोगों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने में मदद करेगी और साथ ही यह प्रयास करेगी की गॉव का हर परिवार समाज के मुख्य धारा से जुड़े व गरीब परिवार के उत्थान हेतु शासन की समस्त योजनाओं का लाभ गरीब परिवार को मिले जिससे वह अपने परिवार का विकास कर सकें।

[URIS id=12776]

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button

Adblock Detected

Allow me