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Sidhi : आचरण का अनुसरण करने के लिए पुण्यतिथि मनाई जाती है : तुलसीदास महाराज

 

पूर्व मंत्री ब्रह्मलीन इंद्रजीत कुमार की चतुर्थ पुण्यतिथि पर उमड़ा जन सैलाब।

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जनप्रिय,पूर्व मंत्री ब्रह्मलीन श्री इंद्रजीत कुमार की चतुर्थ पावन पुण्यतिथि पर उनके समाधि स्थल गृहग्राम सुपेला में हजारों लोगों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित कर मनाई। इस अवसर पर परमहंस आश्रम के स्वामी श्री तुलसीदास महाराज जी ने व्यासपीठ से धर्म की महत्ता प्रतिपादित करते हुए कहा कि जो माया का अंत कर दे वही सच्चा संत है। समाजसेवा की भावना से जो कार्य किया जाता है,वह लंबे समय तक याद किया जाता है श्री तुलसीदास महाराज जी ने कहा कि हरि व्यापक सर्वत्र समाना परमात्मा का कण कण में वास है। हम सभी मनुष्यों को इस बात का सदैव ध्यान रखना चाहिए किसी के प्रति हम दुर्व्यवहार नहीं करें, हम दूसरे से वही व्यवहार करें जो हमें अपने लिए पसंद है ।

तुलसीदास महाराज जी ने कहा कि पुण्यतिथि का अर्थ है कि परिवार के सभी सदस्य उस दिवंगत आत्मा स्मरण करते हुए उनके विचारों एवं आदर्शों पर चलने का प्रयास करें। यही सच्चे अर्थों में पुण्यतिथि का सार है। स्वामी तुलसीदास महाराज जी ने कहा पूर्व मंत्री स्वर्गीय श्री इंद्रजीत कुमार जी सच्चे अर्थों में जनसेवक थे, यहां उपस्थित उनके चाहने वालों ने जो उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर ज्ञान गंगा का श्रवण कर रहे हैं यह उसका प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन कुछ समय अपनी आत्मा के विकास में के लिए समय निकालना चाहिए जिससे हम आत्मा एवं परमात्मा के सच्चे स्वरूप को समझ सके। सभी को 24 घंटे में से कुछ समय प्रभु का स्मरण ,भजन व पूजन करना चाहिए।इससे हम सकारात्मक होते हैं इसी सकारात्मकता की आज आवश्यकता है। आगे स्वामी जी ने कहा की चक्रवर्ती सम्राट बुद्ध ने अलौकिक सुखों को छोड़कर अलौकिक शक्तियां के साथ साम्य बनाकर त्याग एवं तपस्या की तो वे भगवान बुद्ध हो गए।

भगवान बुद्ध एवं महापुरुषों के द्वारा बताए गए विश्व बंधुत्व एवं शांति के मार्ग का अनुसरण करने पर ही हमें सच्चा सुख एवं शांति प्राप्त होती है।इसी प्रकार भगवान श्रीराम का चरित्र समूचे मानव समाज के लिए आदर्श है। उन्होंने पिता की आज्ञा का पालन करने के लिए राज वैभव का त्याग कर वन का मार्ग लिया ।
समाधि स्थल पर सुबह से ही गायक कलाकार श्री फणींद्र पांडे की टीम के द्वारा सुंदर मनमोहक भजनों की प्रस्तुति दी गई साथ ही लोक गायक एवं सरपंच श्री सरोज द्विवेदी,श्री गोपाल साकेत श्री रमेश तिवारी एवं अन्य लोकगीत कलाकारों ने अपनी स्वर लहरी से इस क्षेत्र को पवित्र बना दिया पूरे दिन भक्ति गीतों की सुमधुर धूम से सभी भाव विभोर रहे।

इस अवसर पर विधायक एवं पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने पूजनीय पिताजी स्वर्गीय इंद्रजीत कुमार की स्मृति में पधारे स्वामी जी एवं सभी विद्वान कलाकारों का ह्रदय से आभार मानकर आगंतुक अतिथियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि आज सबसे बड़ी आवश्यकता है। विचारों एवं कर्मों की शुद्धता, ज्ञान ही वह साधन है जिससे हम सांसारिक जीवन में रहकर भी एक दूसरे के साथ भाईचारा एवं समन्वय बनाए रख सकते है।समारोह में बड़ी संख्या में धर्म प्राण श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूर्व मंत्री स्व. इंद्रजीत कुमार को नम आंखों से श्रद्धांजलि दी गई।

इस अवसर पर समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले विभिन्न व्यक्तियों गायक कलाकारों सभी को शाल ओढ़ाकर एवं श्रीफल प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया गया। सीधी,सिंगरौली,सतना,रीवा, भोपाल सहित प्रदेश के अनेक स्थानों पर ऑन कर शुभचिंतक कौन है पुण्य तिथि को मनाया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री ज्ञान प्रताप सिंह, अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण सिंगरौली,श्री ज्ञानेंद्र द्विवेदी,अध्यक्ष,नगर पालिका सीधी, श्रीमती काजल वर्मा, सहित त्रिस्तरीय पंचायत राज के प्रतिनिधियों ग्रामीण जनों उनके चाहने वालों ने सुबह से ही उनकी समाधि पर एकत्रित होकर नम आंखों से पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया।

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