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Sidhi : बैगा विकास संगठन व राष्ट्रीय दलित महासभा ने दिया ज्ञापन

लगे जय भीम के नारे

पोल खोल सीधी

(संजय सिंह)

बैगा विकास संगठन एवं राष्ट्रीय दलित महासभा के कार्यकर्ताओं द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मझौली को ज्ञापन सौंपा गया है जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय दलित आदिवासी महासभा एवं बैगा विकास संगठन के नेतृत्व में लगातार मध्यप्रदेश के तमाम जिलों में आदिवासियों के हक अधिकार एवं भूमि अधिकार को लेकर आंदोलन किया जा रहा है उसी के संदर्भ में सीधी जिले की कुसमी तहसील में लगातार गांव गांव में पदयात्रा के दौरान पता चला है कि बहुत से गांवों में प्रधानमंत्री आवास बैगा जनजाति को आज तक नहीं मिला है बहुत से गांव ऐसे हैं जहां जाने आने में रास्ते नहीं हैं

और सीधी जिले में बैगा जनजाति को मुख्यमंत्री की घोषणा के 5 साल बाद भी विशेष जनजाति का दर्जा नहीं दिया गया है न ही पांचवीं छठी अनुसूची में पूर्ण रुप से लागू की गई जब कि यह पूर्ण रूप से आदिवासी ब्लॉक एवं जिला है।मध्यप्रदेश की विधानसभा में आदिवासियों के विकास की परियोजनाओं के लिए सर्वाधिक बजट जारी किया जाता है उसके बाद भी इस विधानसभा में खासकर बैगा जनजाति की बहुत बुरी स्थित है

जबकि वैगा जनजाति को विशेष विलुप्त प्राय जनजाति के रूप में रखा गया है। विधानसभा धौहनी में कुपोषण एवं एनीमिया की संख्या बच्चों में सबसे ज्यादा है। मध्यप्रदेश शासन ने पोषण आहार के अनुदान राशि 8 जिलों में बैगा जनजाति के महिलाओं को ₹1000 प्रति माह प्रदान करती है मगर सीधी जिले के साथ सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है जहां इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।बैगा जनजाति के साथ-साथ और भी आदिवासियों व दलित समाज के बच्चों को भी कुपोषण,एनिमिया है उन महिलाओं को भी प्रतिमा ₹1000 मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री की घोषणा को दिलाया याद

ज्ञापन में कहा गया है कि मुख्यमंत्री द्वारा 2 सितंबर 2018 को मझौली कालेज मैदान में घोषणा की गई थी कि सीधी जिले के बैगा जनजाति को विशेष दर्जा दिया जाएगा जो आज तक नहीं हुआ है जिस कारण राष्ट्रीय दलित आदिवासी महासभा एवं बैगा विकास संगठन बड़े रूप से आंदोलन करेगा जिसकी जिम्मेवारी मध्यप्रदेश शासन की होगी।

ज्ञापन पत्र में मांग की गई है कि सीधी सिंगरौली जिले में बैगा विकास प्रोजेक्ट शीघ्र लागू किया जाए, सीधी सिंगरौली जिले के बैगा जनजाति को अन्य जिलों के भांति पोषण आहार की राशि ₹1000 तुरंत दी जाए, बैगा समाज को उमरिया, डिंडोरी, बालाघाट, मंडला ,अनूपपुर, शहडोल की तरह विशेष बैगा जनजाति का दर्जा दिया जाए और पोषण आहार का ₹1000 महीना दिया जाए, हर भूमि गरीब आदिवासी परिवार को 5 एकड़ जमीन एवं ₹5000 पैसा दिया जाए, विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा,मारिया ,सरिया को शासन की विभिन्न विभागों के तृतीय श्रेणी कार्यपालिक पदों पर अकार्यपालिक पदों की भांति प्रक्रिया अपनाए बिना उक्त पद पर नियुक्ति की जाए, आदिवासी बेरोजगार पढ़े-लिखे बच्चों को सरकार या तो नौकरी दे

नहीं देती तो उन्हें ₹10000 भत्ता दे जिससे अपना परिवार चला सके, जनजातियों के गांव में संपूर्ण विकास होना चाहिए जैसे स्कूल, कोटा,आंगनबाड़ी, सड़के, स्ट्रीट लाइट,पानी की व्यवस्था की जाए। ज्ञापन के पूर्व सभा की गई जिसमें वक्ताओं द्वारा बैगा समाज के पिछड़ेपन पर विचार व्यक्त किए गए वही जय भीम के नारे लगाते हुए रैली के रूप में ज्ञापन देने पहुंचे जहां उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिया गया।ज्ञापन देने वालों में राजू बैगा सामाजिक कार्यकर्ता, राजकली बैगा जनपद पंचायत सदस्य,बैगा विकास संगठन से मनोज बैगा, जगन्नाथ, राजीव बैगा, राष्ट्रीय दलित आदिवासी महासभा से अंगद प्रसाद सिंह, गौरीशंकर बौद्ध,सुनीता वर्मा प्रदेश अध्यक्ष महिला विंग, सिया शरण सोंधिया प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय दलित महासभा।

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