मध्यप्रदेश

परसिली उत्सव में गीत-संगीत का भव्य आयोजन 31 दिसंबर को,बघेली लोक संगीत एवं नृत्य का लुत्फ उठाएंगे पर्यटक।

परसिली उत्सव में गीत-संगीत का भव्य आयोजन कॉल,बघेली लोक संगीत एवं नृत्य का लुत्फ उठाएंगे पर्यटक
उत्थान सामा. सांस्कृतिक, साहित्यिक संस्था करेगा आयोजन
सीधी
जिले में आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को बघेली लोकगीत एवं बघेली नृत्य से अवगत करानें के लिए नव वर्ष 2023 के पावन अवसर पर उत्थान सामाजिक सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संस्था के द्वारा परसिली रिसार्ट में आज शायं 8 बजे से परसिली उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उक्त उत्सव में देश की सबसे छोटी लोक गायिका एवं सीधी पर्यटन की ब्राण्ड एम्बेस्डर मान्या पाण्डेय, लोक गायक कपिल तिवारी, सुभाष द्विवेदी, रावेन्द्र तिवारी, पवन शुक्ला, हरिश्चन्द्र मिश्रा आदि लोक कलाकार बघेली लोकगीतों की प्रस्तुति करेंगे। उसके साथ लोक नृत्य शैला, गुदुम, शहनाई, नगडिय़ा वादन की प्रस्तुति होगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए परसिली रिसार्ट के प्रबंधक राजेन्द्र द्विवेदी ने बताया कि नव वर्ष के अवसर पर संजय टाईगर रिजर्व एवं परसिली में आने वाले पर्यटकों के लिए परसिली उत्सव का आयोजन किया गया है। जिसमें बघेली लोक संगीत, बघेली लोक नृत्य, बघेली व्यंजन की व्यवस्था की गई है।

 

ताकि देश-विदेश से आये पर्यटकों को यहां की कला-संस्कृति से अवगत कराया जाएगा। उन्होने बताया कि देश भर में बघेली लोकगीतों का अलख जगाने वाले हम सबकी बेटी सीधी पर्यटन की ब्राण्ड एम्बेस्डर मान्या पाण्डेय उक्त उत्सव में अपने सुरों से हम सबको अभिसिंचित करेंगी। उन्होने कहा कि सीधी में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बस पर्यटन स्थल के प्रचार-प्रसार की जरूरत है। बताते चलें कि बघेली लोक कला में गीत एवं संगीत काफी मधुर एवं मिठास भरे होने के कारण इसको समझने में लोगों को काफी आशानी होती है। भले ही भाषा में कहीं अंतर हो लेकिन बघेली बोली की मिठास एवं धुन के आगे सभी मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। इसी वजह से बघेली लोक कलाकारों द्वारा देश के किसी भी राज्य में अपने कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाए। उन्हें काफी वाहवाही मिलती है। नव वर्ष 2023 के स्वागत एवं वर्ष 2022 की विदाई की बेला में उक्त रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति परसिली रिसार्ट में किया जा रहा है। जिसमें काफी संख्या में दर्शक भी मौजूद होंगे।

 

लोक कलाकारों द्वारा अपनी प्रस्तुति से पर्यटकों को जहां नव वर्ष के जश्र से सराबोर किया जाएगा वहीं उपस्थित दर्शकों को भी नव वर्ष के स्वागत के लिए उत्साहित किया जाएगा। परसिली उत्सव को भव्य बनानें के लिए यहां विशेषतौर पर तैयारी की गई है। जिससे कार्यक्रम को यादगार बनाया जा सके। कला प्रेमियों की मौजूदगी भी कार्यक्रम में विशेष तौर पर रहेगी जिनके द्वारा लोक कलाकारों की हौंसला आफजाई की जाएगी। परसिली उत्सव के दौरान कलाकार अपनी आकर्षक प्रस्तुति के दौरान उपस्थित पर्यटकों का जहां मनोरंजन करेंगे वहीं उन्हें बघेली  लोक कला के प्रति आकर्षित भी करेेंगे। बघेली लोक कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलानें के लिए बाल कलाकार मान्या पाण्डेय जहां पूरी तरह से समर्पित होकर कार्य कर रही हैं। वहीं उनके द्वारा हर मंच से बघेली लोक कला को बुलंदी पर भी पहुंचाने का कार्य किया जा रहा  है। इसी वजह से काफी कम समय में उनके प्रशंसकों की संख्या लाखों में पहुंच चुकी है। बघेली कला की आकर्षक प्रस्तुति परसिली उत्सव में लोगों को आज देखने के लिए मिलेगी।

बघेली-गाला-डिनर
परसिली उत्सव के दौरान बघेली लजीज व्यंजन भी मौजूद रहेेंगे। इनमें बघेली-गाला-डिनर का आयोजन किया जा रहा है। स्टाटर में हरा-भरा लउबरा, पनीर अंगाकर, सूप में लौकी सुरुआ, गरम मशलहा सूप, टोमैटो धनिया सोरबा, मेन कोर्स में पनीर मटके वाला, आलू गोभी का चरपर, दाल कोहरन, राई की भाजी, रहेला की भाजी, मिठखोर, भरता, स्टीम पीस पुलाव, अचार, सलाद, पापड़, पुदीना हरी चटनी, भउरा मिरचा, बघेली कोदई खीर, गुड की लपसी, बेर्रा की रोटी, अंगारी रोटी, चउसेला, रिकमज मसलहा, सूरन का रक्का शामिल हैं। कार्यक्रम में उपस्थित पर्यटकों एवं अतिथियों के साथ ही आगंतुकों को बघेली के लजीज व्यंजन भोजन के रूप में परोसे जाएंगे। परसिली रिसॉर्ट में आयोजित परसिली महोत्सव के दौरान बघेली के लजीज व्यंजनों को परोसने की पूरी कार्ययोजना रिसॉर्ट के प्रबंधक द्वारा बनाई गई है। जिससे कार्यक्रम का लुत्फ उठाने वाले पर्यटकों को भी बघेली के लजीज व्यंजनों को चखने का सुनहरा अवसर प्राप्त हो सके। बघेली व्यंजनों का स्वाद भी काफी भरपूर होता है।

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