मध्यप्रदेश

जिले में गलन भरी ठंड के साथ शुरू हुआ घना कोहरा,दोपहर 12 बजे के बाद सूर्य देव के हुए दर्शन।

जिले में गलन भरी ठंड के साथ शुरू हुआ घना कोहरा,दोपहर 12 बजे के बाद सूर्य देव के हुए दर्शन
सीधी
नव वर्ष का आगाज कड़ाके की ठंड से आज होने के साथ ही घने कोहरे का प्रकोप भी शुरू हो गया है। नव वर्ष के पूर्व देर रात से ही घना कोहरा का असर शुरू हुआ जो आज सुबह करीब 12:30 बजे तक बना रहा। शहरी क्षेत्रों में दोपहर 12 बजे के बाद से कोहरा छटना शुरू हो गया था। यह माना जा रहा है कि कोहरा का दौर अभी मकर संक्रांति तक चलता ही रहेगा। घने कोहरे के चलते वाहनों की आवाजाही काफी प्रभावित हो रही है। शनिवार की देर रात में ग्रामीण क्षेत्रों में तेज धुंध होने के कारण वाहन चालकों को सामने की स्थिति सही तरीके से नहीं दिख रही थी। फिर भी चालक कम स्पीड में धीरे-धीरे रात में अपनी यात्रा जारी रखे हुए थे। कड़ाके की ठंड एवं घना कोहरा के चलते लोगों की सुबह की शुरूआत भी आज देर से हुई। आज रविवार होने के कारण स्कूल समेत सभी शासकीय कार्यालयों में अवकाश रहा जिसके चलते लोगों को दोपहर करीब 12:30 बजे भगवान सूर्यदेव के दर्शन होने के बाद बड़ी राहत मिली। घर के अंदर गलन भरी ठंड से बचने के लिए लोग दिन के समय घर के बाहर ही धूप का लुत्फ उठाते हुए गुजारते रहे। यह अवश्य है कि शाम ढलते ही गलन भरी ठंड के चलते लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। यह माना जा रहा है कि मकर संक्रांति के बाद ही कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिलनी शुरू होगी। दोपहर में कुछ घंटे तेज धूप खिलने के कारण लोगों को ठिठुरन भरी गलन से बड़ी राहत मिल रही है। सबसे ज्यादा समस्याएं सोमवार से स्कूल शुरू होने के बाद छात्र-छात्राओं की होने वाली है। उन्हे सुबह स्कूल जाने के लिए जल्द उठने और तैयार होने की समस्या रहेगी। स्कूल जाने के बाद भी उन्हे धूप का कोई लुत्फ उठाने का अवसर नहीं मिलेगा क्योंकि कक्षाओं के अंदर ही पूरी दोपहर गुजरेगी। ऐसे में कई अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी काफी चिंतित नजर आए।
चर्चा के दौरान कई अभिभावकों ने कहा कि कोरोना के चलते बच्चों की पढ़ाई वैसे भी विगत दो वर्षों से प्रभावित है। अब कड़ाके की ठंड पडऩे के कारण बच्चों को ठंड लगने का खतरा भी बढ़ गया है। स्कूलों में कमरे के अंदर क्लासों का संचालन होने के कारण छोटे बच्चे पूरा दिन गलन भरी ठंड में ही कैद रहेंगे। जिसके चलते उन्हे ठंड लगने का भय सबसे ज्यादा बना हुआ है। मकर संक्रांति के बाद से ही ठंड का असर कुछ कम होना शुरू होगा। इस बीच छोटे स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा समस्याएं होने वाली हैं। अभी तक शीतकालीन अवकाश होने के कारण बच्चों को स्कूल जाने से राहत मिली हुई थी। सोमवार से स्कूलों का संचालन फिर से नियमित रूप से शुरू होने के बाद उनकी समस्याएं और तेजी के साथ बढ़ेगी।

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