मध्यप्रदेश

पारा लुढ़का: शीतलहर के आगोश में पूरा जिला,दोपहर तक जिले भर में रहा कोहरे का असर,ठिठुरन दूर करनें अलाव का सहारा ले रहे लोग। 

पारा लुढ़का: शीतलहर के आगोश में पूरा जिला,दोपहर तक जिले भर में रहा कोहरे का असर,ठिठुरन दूर करनें अलाव का सहारा ले रहे लोग।
सीधी 
नववर्ष 2023 के आगाज के साथ ही ठंड के शीतलहर ने भी अपनी दस्तक दे दी है। दो दिनों से सुबह की शुरुआत कोहरे से हो रही है। कल 2 जनवरी को दोपहर तक कोहरे का असर बना रहा। सूर्यदेव के दर्शन दोपहर करीब 3 बजे होने के बाद लोगों को ठिठुरन भरी गलन से दो घंटे के लिए राहत मिली। गलन भरी ठंड से बचने के लिए जो घर में मौजूद थे वो गर्म कपड़ों के सहारे ठंड का असर दूर करनें का जतन करते रहे वहीं कुछ लोग अलाव के सहारे ठिठुरन दूर करनें का प्रयास करते रहे। सरकारी कार्यालयों में भी आज अधिकारी एवं कर्मचारी गलन भरी ठंड से सिकुड़ते नजर आए। कुछ सरकारी कार्यालयों में हीटर का उपयोग भी शुरू हो गया है। जिससे गलन भरी ठंड से राहत मिल सके और अधिकारी और कर्मचारी भी अपने विभागीय कार्यों को बिना किसी दिक्कत के पूर्ण कर सकें। ठिठुरन भरी गलन का कहर शुरू हो जाने से सबसे ज्यादा परेशान ऐसे लोग हो रहे हैं जो घर से कार्य के सिलसिले में सुबह ही निकलते हैं। दो दिनों से रात 10 बजे के बाद ही कोहरे का प्रकोप शुरू हो जाता है। जिसके चलते वाहनों की आवाजाही काफी प्रभावित हो रही है। भारी मालवाहकों के चालकों को काफी धीमी रफ्तार से चलना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में कोहरा एवं ठंड का ज्यादा असर है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों की सिंचाई का कार्य भी चलने के कारण यहां शाम ढ़लते ही भारी गलन शुरू हो जाती है। जिसका असर धूप निकलने तक रहता है। दो दिनों से कोहरा का प्रकोप भी शुरू हो गया है। नव वर्ष में दोपहर करीब 12:30 बजे सूर्यदेव के दर्शन हो गए थे। कल सूर्यदेव के दर्शन दोपहर करीब 3 बजे होने तक लोग शीतलहर से ठिठुरते नजर आए। दरअसल इस वर्ष नव वर्ष के पूर्व तक ठंड का असर शहरी क्षेत्रों में कम था। ग्रामीण क्षेत्रों में शाम ढ़लने के बाद ठंडक ज्यादा बनी हुई थी। वहीं दिन में कड़ाके की धूप खिलने के कारण लोगों को ठंड नहीं मालूम पड़ रहा था। नव वर्ष के आगाज के साथ ही सीधी जिले में भी अचानक शीतलहर का प्रकोप और कोहरा शुरू हो जाने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
चर्चा के दौरान कुछ लोगों ने कहा कि सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जो कि घर से बाहर काम के सिलसिले में रहते हैं। घर में रहने वाले लोगों को राहत है। सबसे ज्यादा दिक्कतें खुले आसमान के नीचे अपना व्यवसाय करनें वाले फुटपाथी कारोबारियों को हो रही है।
चर्चा के दौरान कुछ फुटपाथी कारोबारियों ने कहा कि उनकी मजबूरी है इसी वजह से ठिठुरन भरी गलन में वह सुबह से लेकर देर शाम तक खुले आसमान के नीचे अपना व्यवसाय कर रहे हैं।
छोटे स्कूली बच्चों को ठंड लगने का खतरा 
शीतकालीन अवकाश के बाद कल सुबह-सुबह घर से स्कूल जाने वाले बच्चों की सबसे ज्यादा फजीहतें दिखी। गर्म कपड़ों से लदे होने के बावजूद सुबह पाली में स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को ठंड लगने का खतरा भी गंभीर रूप से निर्मित हो गया है। चर्चा के दौरान कुछ अभिभावकों ने कहा कि दो दिनों से शीतलहर की आगोश में समूचा सीधी जिला आ चुका है। बड़े लोग ही जहां ठिठुरन भरी गलन से परेशान हैं ऐसे में स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों का क्या हाल हो रहा है इसको सहज ही समझा जा सकता है। स्कूलों में बच्चे कक्षा के अंदर ठिठुरते हुए बैठे रहते हैं। उन्हें बाहर निकलने तक का अवसर नहीं मिल पाता। आज स्थिति यह है कि दोपहर तीन बजे के बाद सूर्यदेव के दर्शन हुए। मकर संक्रांति तक इसी तरह के हालात बने रहने की संभावना है। ऐसे में छोटे स्कूली बच्चों को ठंड लगने का खतरा भी गंभीर रूप से निर्मित हो गया है। जिला प्रशासन को छोटे बच्चों की समस्या को समझते हुए माध्यमिक कक्षाओं तक की स्कूलों में अवकाश घोषित करनें पर विचार करना चाहिए। हर वर्ष शीतलहर के दौरान जिला प्रशासन की ओर से छोटे स्कूली बच्चों को राहत देने के लिए  निर्देश दिए जाते हैं। शीतलहर का असर अभी 14 जनवरी तक ज्यादा रहने की संभावना बनी हुई है। जिसके चलते छोटे बच्चों के अभिभावकों मे भी काफी चिंता व्याप्त है।

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