मध्यप्रदेश

गोतरा में ग्राम चौपाल में कमिश्नर तथा एडीजीपी ने पेसा नियमों पर की चर्चा,पेसा नियमों से ग्राम सभाएं हुई सर्व अधिकार सम्पन्न – सुचारी,ग्राम सभाओं को है विवाद निपटारे के अधिकार-एडीजीपी। 

गोतरा में ग्राम चौपाल में कमिश्नर तथा एडीजीपी ने पेसा नियमों पर की चर्चा,पेसा नियमों से ग्राम सभाएं हुई सर्व अधिकार सम्पन्न – सुचारी,ग्राम सभाओं को है विवाद निपटारे के अधिकार-एडीजीपी। 
सीधी
 जिले के वनांचल कुसमी के ग्राम पंचायत गोतरा में आयोजित ग्राम चौपाल कार्यक्रम में कमिश्नर रीवा संभाग अनिल सुचारी तथा एडीजीपी केपी व्यंकटेश्वर राव द्वारा मध्यप्रदेश पेसा नियम 2022 के महत्वपूर्ण प्रावधानों को ग्राम वासियों को आसान भाषा में समझाया गया। उन्होने कहा कि पेसा नियम 2022 के माध्यम से जनजातीय समुदाय को जल, जंगल, जमीन, मजदूरों, महिलाओं व संस्कृति संरक्षण के अधिकार मिले हैं। ये नियम प्रदेश के 89 जनजातीय विकासखण्डों में लागू किए गए हैं।
  कमिश्नर श्री सुचारी ने कहा कि पेसा नियमों के माध्यम से जनजातीय विकासखण्डों की ग्राम सभाओं को सर्व अधिकार सम्पन्न बनाया गया है। इन नियमों के क्रियान्वयन से ग्राम सभाएं धीरे-धीरे सशक्त होती जाएंगी तथा अपने विकास के सभी निर्णय लेने में सक्षम होंगी। कमिश्नर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पेसा नियमों के संबंध में लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा इनके क्रियान्वयन के लिए ग्राम सभाओं को आवश्यक तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाए। कमिश्नर ने ग्राम वासियों से कहा कि पेसा नियमों के विषय में अपनी समझ बढ़ाएं तथा इन्हें आत्मसात करें। कमिश्नर ने कहा कि क्रमबद्ध तरीके से पेसा नियमों में दिए गए अधिकारों का उपयोग प्रारंभ करें तथा अपने विकास की गाथा स्वयं लिखें।
  कमिश्नर श्री सुचारी ने पेसा नियमों के माध्यम से ग्राम सभाओं को जमीन जल एवं जंगल के अधिकार दिए गए हैं। गांव की जमीन के संबंध में ग्राम सभा को प्रत्येक वर्ष जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। राजस्व अभिलेखों में सुधार की अनुशंसा तथा भू-अर्जन के पूर्व ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य होगी। जनजातीय समुदाय से छल कपट से जमीन कब्जे में ग्राम सभा हस्तक्षेप कर सकेगी। इसी प्रकार गांव के तालाबों का प्रबंधन अब ग्राम सभा करेगी। ग्राम सभा समिति के माध्यम से लघु वनोपजों का संग्रहण और विपणन कर सकेंगें। ग्राम सभा को स्थानीय संस्थाओं की जांच के भी अधिकार होंगे।
 कमिश्नर ने कहा कि अधिकार के साथ दायित्व भी बढ़ते हैं। पेसा नियम से मिले अधिकारों के कारण ग्राम के विकास की संपूर्ण जिम्मेदारी भी ग्राम सभा की होगी। उन्होने कहा कि शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। बेटियों को शिक्षित करें। क्षेत्र में नशे बंदी को प्राथमिकता दें तथा नवयुवकों को सकारात्मक गतिविधियों में संलग्न करें। कमिश्नर ने कहा कि गांव के विकास कार्य योजना बनाते समय प्रत्येक ग्राम वासी के हितों को ध्यान में रखें। ऐसा करने से गांव तथा क्षेत्र का विकास होगा।
 एडीजीपी श्री राव ने कहा कि पेसा नियमों के माध्यम से प्रदेश सरकार ने ग्राम सभा को शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा विवादों के निपटारे की शक्तियां प्रदान की हैं। ऐसी शक्तियां  अभी तक किसी अन्य संस्था को नहीं दी गई थी, यह अभूतपूर्व है। उन्होने कहा कि अपनी पुरानी पंरपराओ का अनुसरण करते हुए सौहार्दपूर्ण वातावरण में विवादों का निपटारा करें तथा एक विवादविहीन समाज की परिकल्पना को साकार करें। उन्होने कहा कि इस व्यवस्था में पुलिस विभाग हर संभव सहयोग के लिए तत्पर है। जहां भी पुलिस प्रशासन आगे रहकर सहायता प्रदान करेगा। उन्होने ग्राम वासियों से अपील की कि अपनी ग्राम पंचायत को आदर्श के रूप में विकसित करें। एडीजीपी ने कहा कि अपने गांव को संवारने की बड़ी जिम्मेदारी आप पर है। इसलिए जागरूक बनिए और ग्राम के विकास में सहभागी बनें।
  ग्राम चौपाल में कलेक्टर साकेत मालवीय, पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार श्रीवास्तव, वनमण्डलाधिकारी क्षितिज कुमार तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत राहुल धोटे द्वारा विभाग से संबंधित प्रावधानों के विषय में ग्राम वासियों को अवगत कराया गया तथा आश्वस्त किया गया है कि पेसा नियम के प्रावधानों के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि विकासखण्ड कुसमी की प्रत्येक ग्राम पंचायत में संबंधित विभागों द्वारा सतत रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे तथा क्रमबद्ध तरीके से ग्राम सभाओं को सशक्त बनाया जाएगा।
 इस अवसर पर डीआईजी मिथलेश शुक्ल, सीसीएफ अमित दुबे, जनपद अध्यक्ष श्यामवती सिंह, सरपंच फूलबाई पनिका, एसडीएम आर के सिन्हा, संयुक्त संचालक टाइगर रिजर्व हरिओम शर्मा, सीईओ जनपद एस एन द्विवेदी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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