मध्यप्रदेश

अर्द्धवार्षिक परीक्षा के साथ ही किया जा रहा उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन,पढ़ने में कमजोर छात्रों का ग्रेड निर्धारित कर चलेंगी रेमेडियल कक्षाएं।

अर्द्धवार्षिक परीक्षा के साथ ही किया जा रहा उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन,पढ़ने में कमजोर छात्रों का ग्रेड निर्धारित कर चलेंगी रेमेडियल कक्षाएं।
सीधी 
 एपीसी राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान डॉ. सुजीत कुमार मिश्र ने जानकारी देकर बताया कि शासकीय हाई स्कूल और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में सत्र 2022-23 की कक्षा 9वीं से 12वीं तक की 2 जनवरी से संचालित हो रही अर्द्धवार्षिक परीक्षा के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन करने व प्राप्तांकों को विमर्श पोर्टल पर 20 जनवरी तक दर्ज कराना अनिवार्य है। ताकि छात्रों की पढ़ाई और गुणवत्ता का आंकलन कर उनके ग्रेड निर्धारित कर रेमेडियल कक्षायें संचालित की जा सकें। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कम अंक पाने वाले छात्रों का सी, डी व ई ग्रेड निर्धारित कर ग्रुप बनाया जाये। इसके बाद विषयवार पृथक-पृथक सेक्शन बनाते हुए रेमेडियल कक्षाओं को अनिवार्य रूप से संचालित कराया जाये। ऐसी शालायें जहां एक ही सेक्शन है, वहां सी, डी एवं ई ग्रेड के विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर शिक्षक द्वारा निर्णय जायेगा कि उसे किस तरह पढ़ाया जाना है। यदि कक्षा में अधिकांश विद्यार्थी सी. डी व ई ग्रेड में हैं तो उन्हें रेमेडियल टीचिंग मॉड्यूल ही पढ़ाया जाये। वहीं ए व बी ग्रेड के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए अलग व्यवस्था की जानी है। विद्यार्थियों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए ई ग्रेड को भी दो भागों में विभाजित किया जायेगा।
निर्धारित ग्रेड अंक के आधार पर
85 से 100 अंक पाने वालों को ए प्लस ग्रेड में, 75 से 84 अंक पाने वालों को ए ग्रेड, 60 से 74 अंक पाने वालों को बी ग्रेड, 59 से 45 अंक पाने वालों को सी ग्रेड, 44 से 33 अंक पाने वालों को डी ग्रेड, 32 से 20 अंक पाने वालों को ई-1 ग्रेड व 19 से 0 अंक पाने वालों को ई-2 ग्रेड में रखा जाएगा। विषय शिक्षक द्वारा मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं का अवलोकन प्रत्येक विद्यार्थी को कराया जाय और विद्यार्थी द्वारा की गलतियों को सुधार किया जाए। जिला शिक्षा आधिकारी ने उक्त निर्देश का कड़ाई से पालन करने के आदेश सभी प्राचार्य को दिए हैं।

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