मध्यप्रदेश

जर्जर आंगनवाड़ी केंद्र में छोटे-छोटे नौनिहाल बच्चे एवं बच्चियां पठन-पाठन करने पर मजबूर विभाग बेखबर…

जर्जर आंगनवाड़ी केंद्र में छोटे-छोटे नौनिहाल बच्चे एवं बच्चियां पठन-पाठन करने पर मजबूर विभाग बेखबर…

सीधी सिंहावल। जनपद पंचायत सिंहावल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बमुरी के ग्राम रामपुर में लगने वाली आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 बिल्डिंग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। और छोटे-छोटे नौनिहाल बच्चियां एवं बच्चे पठन-पाठन के साथ भोजन करने पर मजबूर हैं। आए दिन छत के प्लास्टर गिर रहे हैं। धोखे से किसी दिन अगर छोटे-छोटे बच्चे एवं बच्चियों के ऊपर गिरा तो क्या होगा।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नूतन पटेल ने विभाग को बार दी जानकारी

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नूतन पटेल के द्वारा विभाग को बार जानकारी देते हुए बताया गया कि हमारी आंगनबाड़ी भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। साथ ही उसकी छत ढहने लगी है। अपनी जान एवं छोटे-छोटे बच्चों की जान को जोखिम में डालकर हम अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे है। विभाग को जानकारी देने के बावजूद भी आज तक नवीन भवन तो दूर इसकी रिपेयरिंग भी करवाना उचित नहीं समझा गया। अगर किसी प्रकार की अनहोनी होती है तो कौन होगा जिम्मेदार।

मीनू के आधार पर नहीं मिलता किसी भी आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चे और बच्चियों को भोजन

हमारी टीम के द्वारा जब कई आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर जानकारी लेनी चाही गई तो किसी भी आंगनबाड़ी केंद्र में समूह के माध्यम से नौनिहाल बच्चे एवं बच्चियों को मीनू आधार पर भोजन नही दिया जा रहा है। इस विषय पर जब हमारी टीम के द्वारा संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से पूछा गया तो उनके द्वारा बताया गया कि कोई भी समूह संचालक आंगनबाड़ी में मीनू के आधार पर भोजन नहीं देते हैं। और ना ही कभी बच्चों को नाश्ता दिया जाता है। उनके द्वारा बताया गया कि उनके भुगतान के लिए हमारे द्वारा जो खाना दिया जाता है वही पत्रक में भरकर हम लोगों के द्वारा दिया जाता है। इसकी जानकारी हम सब के द्वारा विभाग को भी अवगत कराया गया है।

कई आंगनबाड़ी केन्द्र भवन विहीन, किराए के मकान में संचालित

भ्रमण के दौरान देखा गया कि कई आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे हैं जो भवन के अभाव से किराए के मकान पर संचालित हैं। जहां कुछ मकानों का किराया विगत 4 माह से विभाग के द्वारा भुगतान नहीं किया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने दी जानकारी।

सिहावल मुख्यालय की ही आंगनबाड़ी केंद्र भवन के अभाव में अपने घर पर संचालित कर चला रही है आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम पंचायत सबैचा में भी किराए के मकान में संचालित है आंगनबाड़ी, वही लदवद में भी आगनवाड़ी भवन का अभाव।
वही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बताया गया कि भवन के लिए कई बार अपने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की जा चुकी है। लेकिन नतीजा ज्यों का त्यों बना हुआ है।

क्षेत्र के राजनीतिक दलों की भी नहीं पड़ती नजर

क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की भी ऐसे समस्या पर निगाह नहीं पड़ती ऐसा कार्य करना शायद उनके द्वारा उचित नहीं समझा जाता। चुनाव आते ही राजनीतिक दल घर-घर गांव गांव मोहल्ले मोहल्ले पहुंचकर बड़े-बड़े वादे करते हैं और कुर्सी मिलने के बाद सारे वादे खोखले नजर आते हैं।

पौष्टिक आहार के बच्चे वंचित
राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के द्वारा नौनिहाल छोटे बच्चों के लिए पोस्टिक आहार के लिए अच्छा खासा रकम मुहैया कराया जाता है परंतु जमीनी हकीकत कुछ और ही निकल कर आता है ना तो बच्चों को पौष्टिक आहार मिलता है और ना ही उचित भोजन एवं नाश्ता कुपोषण का शिकार हो रहे कई मासूम बच्चे,,

गर्भवती महिलाओं को भी नहीं मिल रहा है उचित पोषण आहार
सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं के लिए तरह-तरह की योजनाएं बनाई गई है जिसका अहम भूमिका महिला बाल विकास को सौंपा गया है परंतु सरकार के द्वारा जो पैकेट दिया जाता है या तो वह भैंस के तबेले में काम आता है या तो फिर कचरे के ढेर में फेंक दिया जाता है। कभी कभार कुछ महिलाओं को दे दिया जाता है और खानापूर्ति पूरी कर ली जाती है।
तो बने रहे हमारे साथ जल्दी हम सिहावल मुख्यालय महिला बाल विकास के अधिकारियों से करेंगे सवाल मांगेंगे आपके सवालों का जवाब।

[URIS id=12776]

Related Articles

Back to top button