मध्यप्रदेश

बलात्कार के आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास व 5,000 जुर्माना।

बलात्कार के आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास व 5,000 जुर्माना।

सीधी: माननीय विशेष न्यायालय लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम सह तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश जिला सीधी की न्यायालय के द्वारा विचारण उपरांत थाना मझौली के अ.क्र. 995/2021 अंतर्गत धारा 376(3), 506 भादवि एवं ¾ पॉक्सो् एक्ट म.प्र. शासन विरूद्ध सम्पत कोल तनय रामकरण कोल उम्र 46 वर्ष निवासी ग्राम डांगी लामीपाटी, थाना मझौली जिला सीधी को पॉक्सो् एक्ट की धारा ¾(2) के आरोप में 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 5,000/-रू. अर्थदण्ड‍ से दण्डित किये जाने का निर्णय आज पारित किया गया।
जिला अभियोजन कार्यालय सीधी की मीडिया सेल प्रभारी सुश्री सीनू वर्मा द्वारा बताया गया कि अभियोक्त्री उम्र 15 वर्ष, निवासी ग्राम डांगी थाना मझौली जिला सीधी में द्वारा थाना मझौली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी तबीयत खराब रहती थी, तो वह दिनांक 20.10.2021 को शाम करीबन 07:30 बजे अपने पिता एवं भाई के साथ ग्राम डांगी के सम्पत कोल के यहां झारफूंक कराने के लिये गई थी, जब वह सम्पत कोल के यहां झडवा रही थी, तो झाड फूंक के दौरान सम्पत ने एक पन्नी में सोेलह सिंगार का सामान भरकर उसके पिताजी को गांव की नदी के पास अपने जमीन में रखने के लिये बोलकर वहां से भेज दिया और अभियोक्त्री को दूर ले जाकर झाड फूक करना है बोलकर उसके भाई को वहीं पर रोक दिया और दूर लेजाकर झाड की आड में बोला कि कपडे उतारो, जब उसने मना किया तो अभियुक्त सम्पत ने जान से मारने की धमकी दी एवं गांव में बदनामी कर दूंगा, बोला। जिससे अभियोक्त्री डर गई। अंधेरे का फायदा उठाकर अभियुक्त ने अभियोक्त्री के कपडे उतारकर उसके साथ बलात्कार किया और बोला अगर किसी को बताओगी तो तुम्हे और तुम्हारे परिवार को जान से खत्म् कर दूंगा और बोला कपडे पहनकर आगे आओ। तब अभियोक्त्री कपडे पहनकर वापस आयी और घर आकर सारी बात अपनी मॉ को बताई। अभियोक्त्री की शिकायत पर थाना मझौली में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया एवं विवेचना पश्चात् अभियोग पत्र माननीय न्यायालय सीधी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां न्यायालयीन विचारण के दौरान जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती भारती शर्मा के द्वारा शासन की ओर से पैरवी करते हुए अभियुक्त को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। परिणामस्वरूप न्यायालयीन विशेष सत्र प्र. क्र. 45/21 में माननीय न्यायालय द्वारा अभियुक्‍त को उपरोक्ता्नुसार दण्ड‍ से दण्डित किया गया।

[URIS id=12776]

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