मध्यप्रदेश

धान घोटाले की जांच के लिए कलेक्टर ने गठित की टीम तहसीलदार के नेतृत्व में 5 सदस्यीय जांच दल करेगा पूरे मामले की जांच,धान के बोरो में पाया गया था बूसी और रेत।

धान घोटाले की जांच के लिए कलेक्टर ने गठित की टीम
तहसीलदार के नेतृत्व में 5 सदस्यीय जांच दल करेगा पूरे मामले की जांच,धान के बोरो में पाया गया था बूसी और रेत।

सीधी: जिले के धान खरीदी केंद्र बघवार द्वारा रामपुर नैकिन में गोदाम में भेजी गई करीब 200 धान के बोरो में बूसी और रेत पाए जाने के कारण सर्वेयर द्वारा अमानक कर दिया गया था। इसी तरह लगभग 13 प्रतिशत अमान वाले 3910 बोरा धान को अमानक कर दिया गया था। उक्त मामले की जांच भोपाल से आए सर्वेयर एवं जिला स्तर पर कराई गई थी। जिसमें धान खरीदी केंद्र बघवार का संचालन कर रही हनुमत महिला स्वसहायता समूह की लापरवाही सामने आई थी। उक्त पूर मामले की जांच के लिए कलेक्टर के निर्देशन पर एसडीएम चुरहट के द्वारा 5 सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया है। जिसमें शिवशंकर शुक्ला तहसीलदार रामपुर नैकिन, संदीप तिवारी कनिष्ट आपूर्ति अधिकारी राजस्व मंडल बघवार, ब्लॉक समन्वयक मध्य प्रदेश राष्ट्रीय आजीविका मिशन रामपुर नैकिन को शामिल किया गया है।

किसानों द्वारा बताया गया है कि हनुमत महिला स्वसहायता समूह के द्वारा हम लोगों की धान जमीन में पन्नी बिछाकर बोरो से निकलवाई जाती थी एवं समूह के सर्वेयर व सदस्यों द्वारा जांच करनें के बाद मानक धान को बारदाना में भरवाकर तौल कराया जाता था। उसके बाद धान बिक्री की रसीद दी जाती थी। किसानों द्वारा मानक धान ही समूह द्वारा लिया जाता था। समूह के द्वारा ही बारदानों में बूसी व रेत भरकर गोदाम में भेजा गया था, जो कि अमानक पाया गया। किसानों ने बताया कि हम लोगों से 40 किलो 600 ग्राम से ज्यादा धान बोरे में भराई जाती थी।

गोदाम पहुंचे बोरो में धान 33 से 35 किलो कैसे हो गई यह जांच का विषय है। इसके पूर्व भी आरबी एसोशिएट भोपाल के रिजनल कोआर्डिनेटर मो. शकील निरीक्षक अविनाश सिंह परिहार सतना, जिला सुपरवाईजर अखिलेश साहित्य एवं जिले के नागरिक आपूर्ति निगम  एवं मध्य प्रदेश स्टेट वेयर हाउसिंग एवं लाइजिस्टिंग कॉर्पोरेशन के अधिकारी जांच कर चुके हैं। जिसमें 13 प्रतिशत धान अमानक पाई गई एवं धान के बोरों में धान की बूसी, रेत एवं छोटे पत्थर भी पाए गए। यही नहीं धान खरीदी केंद्र बघवार से गोदाम भेजी गई धान का वजन भी काफी कम पाया गया। कई-कई बोरियों का वजन 30 से 33 किलो पाया गया था। जिसके कारण उक्त खरीदी केंद्र के द्वारा अब तक भेजी गई धान में 95 क्विंटल धान कम पाई गई थी।

जिले का धान खरीदी केंद्र बघवार एक ऐसा खरीदी केंद्र है जहां शासन के नियम-निर्देशों की खुलेआम अवहेलना करते हुए मनमानी तरीके से धान खरीदी की जा रही है। इस संबंध में भोपाल से आए आरबी एसोशिएट के रिजनल कोऑर्डिनेटर मो. शकील ने बताया कि शासन द्वारा क्षतिग्रस्त एवं बदरंग धान अमानक की सीमा 5 प्रतिशत तय की गई है। जबकि यहां 13 प्रतिशत धान अमानक पाई गई। अधिकांश धान कार्बनिक मापदंड 1 प्रतिशत के स्थान पर 4 प्रतिशत, अकार्बनिक 1 प्रतिशत के स्थान पर 5.5 प्रतिशत, क्षतिग्रस्त, बदरंग, अंकुरित एवं घुने दाने 5 प्रतिशत के स्थान पर 13 प्रतिशत, अपरिपक्व कुम्लाहे एवं सिकुडे दाने 3 प्रतिशत के स्थान पर 7.2  प्रतिशत अमानक पाए गए।

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