मध्यप्रदेश

वन्य प्राणियों से लोगों की सुरक्षा हेतु विभाग ने शुरू किया उपाय व प्रयास,बांटे जा रहे सायरन ब्लिंकिंग बल्व एवं सोलर लाइट।

वन्य प्राणियों से लोगों की सुरक्षा हेतु विभाग ने शुरू किया उपाय व प्रयास,बांटे जा रहे सायरन ब्लिंकिंग बल्व एवं सोलर लाइट।

संजय सिंह मझौली सीधी
जिले के संजय टाइगर रिजर्व अंतर्गत हिंसक जंगली जानवरों से हो रही जन हानि एवं हमला पर समाधान के लिए संजय टाइगर रिजर्व द्वारा उपाय और प्रयास शुरू कर दिए गए हैं जिसके तहत सायरन, ब्लिंकिंग बल्ब् एवं सोलर लाइट प्रदान किए जा रहे हैं।
उक्त आशय की जानकारी देते हुए संजय टाइगर रिजर्व वन परिक्षेत्र बस्तुआ के परिक्षेत्र अधिकारी महावीर पांडेय द्वारा बताया गया कि तेंदुआ एवं बाघ प्रभावित परिवारों एवं क्षेत्र का सर्वे कराकर उन्हें चयनित किया गया है जिन्हें सायरन एवं ब्लिंकिंग बल्व प्रदाय किए गए हैं और यह कार्य जारी भी है। वहीं जिन ग्रामों व मोहल्ला में लाइट नहीं है उन परिवारों को सोलर स्ट्रीट लाइट के तहत प्रकाश के प्रबंध किए जाएंगे साथ ही प्रभावित घरों के आसपास 100 मीटर के दायरे में झाड़ियों को साफ करने का कार्य चल रहा है।विभाग द्वारा “वन्य प्राणी मित्र” का चयन किया गया है जो प्रभावित परिवारों से ही चयनित हैं जिनका काम है कि सभी प्रभावित घरों में स्टाफ के साथ सुबह शाम जाकर वन्य प्राणियों की तात्कालिक स्थित एवं लोकेशन बताएंगें साथ ही वन्य प्राणियों से सुरक्षित रहने के बारे में समझाइश भी देंगे जिनको पारितोषिक राशि देने का भी प्रावधान बनाया गया है।

बनाया गया है गश्ती दल प्रभावित क्षेत्रों के लिए विभाग द्वारा गश्ती दल भी गठित किया गया है जो किसी भी प्रकार से वन्य प्राणियों की आमद पर लोगों को सावधान करेगा और किसी भी विषम परिस्थिति पर लोगों की मदद करेगा। गश्ती दल का मोबाइल नंबर भी जारी किया गया है जो 9770 04 2886 है जिस का संचालन रैगना पटपर केंद्र से होगा जिस पर ग्रामीण मोबाइल के माध्यम से सूचना दे सकते हैं जिसमें तत्काल मदद उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा ग्रामीणों से अपील की है कि छोटे बच्चों को जंगल में न जाने दिया जाए सूर्यास्त के बाद घर से बाहर ना निकले अगर कहीं आना जाना हो तो समूह के साथ जाएं । जानवरों की जानकारी होने पर तत्काल गश्ती दल को सूचना दें। साथ ही कहा कि लोगों की सुरक्षा विभाग की भी पहली जिम्मेदारी और प्राथमिकता भी है लेकिन उसमें विभाग एवं ग्रामीण दोनों अपने-अपने जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे तभी प्रयास सार्थक होगा।

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