मध्यप्रदेश

एक नरेंद्र ने स्वामी विवेकानंद के रूप में और दूसरा नरेंद्र प्रधानमंत्री मोदी के रूप में विश्व पटल पर भारत का बजा रहे डंका – सुरेंद्र मणि। 

एक नरेंद्र ने स्वामी विवेकानंद के रूप में और दूसरा नरेंद्र प्रधानमंत्री मोदी के रूप में विश्व पटल पर भारत का बजा रहे डंका – सुरेंद्र मणि। 

सरस्वती शिशु मंदिर में राष्ट्रीय युवा दिवस समारोह संपन्न

सीधी। स्वामी विवेकानंद युवाओं के प्रेरणा स्रोत हैं। एक नरेंद्र ने स्वामी विवेकानंद के रूप में शिकागो में गुलामी के दिनों में भी भारत की विद्वता का डंका बजाया था वही दूसरा नरेंद्र आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूप में विश्व में भारत का डंका बजा रहे हैं। दुनिया भारत की ओर गौरवपूर्ण और अपेक्षा पूर्ण दृष्टि से निहार रही है।

उक्त आशय के उद्गार भारत स्काउट एवं गाइड के जिलाध्यक्ष और भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी सुरेंद्र मणि दुबे ने बतौर मुख्य अतिथि सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मडरिया द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष में कहीं। स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में विद्यालय के विशाल प्रांगण में सूर्य नमस्कार का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व छात्र आशीष केसरी नेकी और विशिष्ट अतिथि के रूप में  नीलेश गोस्वामी नायब सूबेदार, थल सेना, विजय सिंह परिहार व्यवस्थापक, बृजमोहन योगी पूर्व आचार्य, विद्यालय के प्राचार्य राजकुमार सिंह और प्रधानाचार्य राम शिरोमणि शर्मा मंचासीन रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद जी, भारत माता एवं सरस्वती माता की प्रतिमा में पुष्प अर्चन एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके उपरांत माननीय अतिथियों का रोली चंदन से स्वागत किया गया। विद्यालय की बहनों रूपाली तिवारी, खुशी शुक्ला, छवि सिंह, सीनू सिंह, आदि के द्वारा स्वागत गीत के द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। इसके उपरांत हम सभी को स्वस्थ बनाने के लिए आयोजित सूर्य नमस्कार का प्रदर्शन सभी भैया एवं बहनों के द्वारा किया गया।

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भारत स्काउट एवं गाइड संघ के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र मणि दुबे ने अपने संबोधन में आगे कहा कि यदि हम अपने जीवन में संघर्षों से सामना करते हुए कर्तव्य पथ पर डटे रहेंगे, तो हमें एक दिन सफलता अवश्य मिलेगी। उन्होंने बताया कि आज हमारा देश स्वावलंबी भारत की ओर अग्रसर है, इसमें निश्चित रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व का योगदान है। 1947 के पहले जीवन का आदर्श था कि अंग्रेजों को मारो, उनके खिलाफ संघर्ष करो, आजादी के लिए जो कुछ करना हो, करो। लेकिन आज का उद्देश्य  है हमें जो भी कार्य मिला है, उसे प्रमुखता व प्रामाणिकता से करें। हम किसी भी क्षेत्र में जाएं, लेकिन अपने कर्तव्य को पूरा करें। आज मातृभाषा में पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है, क्योंकि हम अपने अंदर निहित शक्तियों को पहचान कर, उन्हें आगे ला सकें। कोई प्रतिभा धन की मोहताज नहीं होती है। यदि हमारे अंदर प्रतिभा है, तो हमारी सरकार सहायता करने के लिए तत्पर है। हम जितना भी त्याग करेंगे, उतना ही हमारा जीवन सफल रहेगा। जितना अधिक हम विद्यार्थी जीवन में सुख का त्याग कर विद्याध्यन करेंगे, तो हमारा जीवन उतना ही गौरव पूर्ण और वैभव पूर्ण हो सकता है। हमारी पढ़ाई अच्छी होनी चाहिए लेकिन परीक्षा में केवल अंक प्राप्त करना ही अच्छा नहीं है, बल्कि हमें सभी क्षेत्रों में अपना सर्वस्व विकास करना चाहिए। ईश्वर ने हम सब को कोई न कोई अद्वितीय शक्ति दी है। हमें उन शक्तियों को पहचानने की आवश्यकता है।

विद्यालय के व्यवस्थापक विजय सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और स्वामी विवेकानंद के जीवन प्रसंग को विस्तार से बच्चों के सामने रखा कार्यक्रम को आशीष केसरी वह मंचासीन सभी अतिथियों ने संबोधित किया। खुशी शुक्ला द्वारा अमृत वचन, रूपाली तिवारी ने स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव गीत गाकर दर्शकों का मन मोह लिया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य दिनेश चंद्र प्रसाद, वरिष्ठ आचार्य रामायण सिंह, दिवाकर द्विवेदी, बृहस्पति मिश्रा, छविराज सिंह, कप्तान सिंह, रघुराज सिंह, भागीरथी सिंह, पवन कुमार पांडे, पुष्पेंद्र मिश्रा, अमर बहादुर सिंह, संजय श्रीवास्तव, कल्लू प्रसाद यादव, अनिल शुक्ला, रोहिणी प्रसाद शुक्ला, अयोध्या प्रसाद तिवारी, दीदियों में निर्मला गुप्ता, रश्मि द्विवेदी, साधना खरे पाली प्रभारी तथा सभी आचार्य एवं दीदियां और भैया बहन उपस्थित रहे।

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