मध्यप्रदेश

पवित्र सोन नदी में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी,जानिए क्या रहा मेले में व्यवस्था।

पवित्र सोन नदी में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी,जानिए क्या रहा मेले में व्यवस्था।

सीधी सिंहावल राज बहोर केवट। आपको बताते चलें कि 14 जनवरी मकर संक्रांति के पावन पर्व को लेकर जगह जगह पर मेंले का आयोजन किया जाता है। एवं दूर-दूर से लोग सोन नदी के तटो पर लगने वाले मेलों में सम्मिलित होते हैं। पूर्व में दो वर्ष कोरोना की वजह से नहीं लग पाए थे मेले लोगों में थी काफी निराशा इस वर्ष मेले में प्रतिबंध ना होने की वजह से लोगों में एक तरफ उत्साह देखने को मिल रहा है। वहीं दूसरी तरफ कोरोना के कहर का असर दो वर्ष बीत जाने के बाद भी देखने को मिल रहा है। पूर्व की भांति मेलों में नहीं दिखी भीड़।

कोरोना काल में व्यापारी सहित अन्य लोग भी हुए थे प्रभावित

आपको बताते चलें कि कोविड काल में छोटे छोटे व्यापारियों सहित अन्य लोगों को भी काफी प्रभावित होना पड़ा था। साथ ही त्योहारों की भी उत्सुकताएं फीकी पड़ चुकी थी। परंतु पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष लोगों में त्यौहार एव मेले के प्रति एक तरफ उत्सुकता है दिखी तो दूसरी तरफ निराशा।

बच्चों में भी दिखा काफी उत्साह

वहीं मेले के नाम पर छोटे-छोटे बच्चों में काफी खुशी एवं हर्ष देखने को मिल रहा है। गांव मोहल्ले से लेकर शहर तक खुशी के माहौल का नजराना देखने को मिल रहा है।

मकर संक्रांति पर भी सोन नदी जोगदहा पुल को नहीं दिखी हरी झंडी

एमपीआरडीसी ने कर रखी थी पूरी तैयारी लेकिन इस त्यौहार के पर्व पर भी नहीं चालू हो पाया अमिलिया बहरी पहुंच मार्ग अभी भी सफेद पोसागियो का फीता काटने का शायद हो रहा इंतजार मेले में भीड़ ना होने की वजह बनी सोन नदी जोगदहा पुल।

सोन नदी के विभिन्न घाटों पर हुआ आज मेले का आयोजन

संक्रांति आज नहीं है कल दिनांक को वेद शास्त्रों की माने तो बताई जा रही है। परंतु उसके बावजूद भी सोन नदी के कई तटो में हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।

सिहावल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रामपुर नाव घाट और खड़बड़ा घाट के साथ सीधी के गऊघाट और कोलदहा घाट पर भी मेले का आयोजन हुआ। वही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था रही।

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