मध्यप्रदेश

अमगांव में मजदूरो की जगह जेशीबी मशीन और टेक्टर बना रहे तलाब जिम्मेदार बेखबर।

अमगांव में मजदूरो की जगह जेशीबी मशीन और टेक्टर बना रहे तलाब जिम्मेदार बेखबर।

प्रवीण शु्क्ला के साथ अमित श्रीवास्तव कुसमी

सीधी जिले का जनपद पंचायत कुसमी मनरेगा योजना मे भ्रष्टाचार को लेकर मीडिया की सुर्खियों में बना रहता है।यहां मनरेगा के भ्रष्टाचार का खुलासा कुसमी एसडीएम के द्वारा किया भी जा चुका है लेकिन संबंधित विभाग के द्वारा किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं हो पाने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है कुछ ऐसा ही मामला एक बार फिर कुसमी जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत अमगांव से निकल कर आया है जहां मजदूरो की जगह जेसीबी मशीन और टेक्टर से तालाव निर्माण कार्य करने का वीडियो ग्रामीणो ने वायरल करते हुये संबंधित अधिकारियो से कार्यवाही की मांग की है।

सचिव जीआरएस कर रहे है मनमानी कार्य
खंड स्तरीय जनपद पंचायत के अधिकारियो एवं कर्मचारियों के द्वारा फील्ड में ध्यान न देने की वजह से अमगांव सचिव एवं जीआरएस मनमानी तरीके से पंचायत मे काम कर रहे हैं वहां लोगों को रोजगार की आवश्यकता है लेकिन मजदूरों को काम नहीं दिया जा रहा है। वल्कि ऐसो कार्यो मे फर्जी तरीके से मस्टररोल जारी करके पैसे आहरित करके जेसीबी एवं टेक्टर वालों को मालामाल कर रहे है।जिससे पंचायत मे मनरेगा योजना फ्लाप हो रही है।

एसडीओ इंजीनियर के कार्यो पर भी उठ रहे शवाल
जनपद पंचायत कुसमी में पदस्थ एसडीओ एवं फील्ड इंजीनियर के द्वारा अमगांव के सचिव एवं जीआरएस को खुली छूट दी गई है जिससे वो मनमानी तरह से फील्ड में कार्य कर रहे हैं और ट्रैक्टर जेसीबी मशीन से हुए कार्यों का फर्जी मजदूरो की हाजरी भरकर पहुंचा रहे है।और फील्ड इंजीनियर के द्वारा ऐसे कार्यो का मूल्यांकन किया जा रहा है। जबकि वायरल वीडियो मे हो रहे कार्य से साबित हो रहा है कि स्थल पर मजदूरों ने कार्य नहीं किया है इसके बाद भी लगातार मूल्यांकन करके भ्रष्टाचार कराया जा रहा है। वही ग्रामीणों ने अन्य हुये निर्माण कार्यों की मस्टर रूल की भी जांच की मांग की जा रही है जिससे अमगांव के भ्रष्टाचार का खुलासा हो सके और भ्रष्टारियो पर कार्यवाही हो सके।
एक भी भ्रष्टाचारियों पर नहीं हो पाई है कार्यवाही

कुसमी जनपद पंचायत अंतर्गत कई ऐसे भ्रष्टाचार जो मीडिया एवं क्षेत्रीय नेताओं के द्वारा भ्रष्टाचार का खुलासा किया गया लेकिन अधिकारी जांच में लीपापोती करके अपने अधीनस्थ पंचायत कर्मचारियों को बचा लेते हैं जबकि कुसमी के पंचायतो का मनरेगा भ्रष्टाचार राजधानी तक पहुंच चुका वही ऐसे भ्रष्टाचारियों पर कार्यवाही न होना भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना है जिसकी चर्चाएं क्षेत्र में चल रही हैं और वरिष्ठ अधिकारी भी सवाल खडे हो रहे है।

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