मध्यप्रदेश

भगवान भोलेनाथ एवं हनुमान जी की प्रतिमा हुई अमिलिया थाना परिसर में स्थापित, विशाल भंडारे का आयोजन, सीधी पुलिस अधीक्षक हुएं शामिल…

भगवान भोलेनाथ एवं हनुमान जी की प्रतिमा हुई अमिलिया थाना परिसर में स्थापित, विशाल भंडारे का आयोजन, सीधी पुलिस अधीक्षक हुएं शामिल…

सीधी सिंहावल। सीधी जिले के अमिलिया थाना परिसर में संकल्पित एवं पुलिस बल तथा आम जनमानस के सहयोग से बने मंदिर में बड़े ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ भगवान भोलेनाथ एवं हनुमान जी के प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा के साथ हुई स्थापित।

16 जनवरी से कलश यात्रा के साथ प्रारंभ हुई पूजा अर्चना आज स्थापित हुई प्रतिमा हुआ विशाल भंडारा का आयोजन

अमिलिया थाना परिसर में संकल्पित भगवान भोलेनाथ एवं हनुमान जी की प्रतिमा की स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा के लिए विशाल जल कलश यात्रा 16 जनवरी 2023 के दिन अमिलिया थाना परिसर से सोन नदी के जोगदहा तट तक निकाली गई। जिसमें सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण एवं पुलिस कर्मी शामिल हुए थे। वही कलश यात्रा के दूसरे दिन 17 जनवरी को नगर भ्रमण का आयोजन किया गया था। जहां नगर भ्रमण अमिलिया थाना परिसर से शुरू होकर कोदौरा, बड़ागांव, डिहुली होते हुए अमिलिया के बड़ावनवीर सहित सभी मंदिरों में पूजा अर्चना के बाद पुनः अमिलिया थाना परिसर में समाप्त हुई।

आज सुबह से शुरू हुई थी भगवान के प्रतिमा की स्थापना के लिए प्राण-प्रतिष्ठा

18 जनवरी 2023 की सुबह से ही अमिलिया थाना परिसर में भगवान भोलेनाथ एवं हनुमान जी की प्रतिमा की स्थापना के लिए प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम बेहद ही धूमधाम हर्षोल्लास तथा वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ शुरू हुई जहां सुबह से लेकर शाम तक पूजा-अर्चना का कार्यक्रम चलता रहा।

कन्या भोज के बाद हुआ विशाल भंडारे का आयोजन

विदित हो कि बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत सैकड़ों कन्याओं के चरण धोकर पूजा अर्चना करते हुए।उन्हें कन्या भोज कराया गया। उसके उपरांत विशाल भंडारा आयोजन प्रारंभ किया गया। जिसमें जिले के विभिन्न स्थानों से आए हुए पुलिसकर्मी स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं भारी तादाद में आम जनमानस प्रसाद ग्रहण किए।

कार्यक्रम में पहुंचे पुलिस कप्तान की पूजा अर्चना

सीधी जिले के पुलिस कप्तान मुकेश कुमार श्रीवास्तव द्वारा अमिलिया प्रांगण में बने बजरंगबली एवं शिवजी के मंदिर पर मूर्ति स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पहुंचकर भगवान के दर्शन कर पूजा अर्चना करने के बाद प्रसाद ग्रहण किए।

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