मध्यप्रदेश

शासन के आदेश को ठेंगा दिखा रहा राशन दुकान का विक्रेता,खुद रहा नदारद अनाधिकृत व्यक्ति से करा रहा खाद्य वितरण,निशुल्क खाद्यान्न को पैसा लेकर करा रहा वितरण।

शासन के आदेश को ठेंगा दिखा रहा राशन दुकान का विक्रेता,खुद रहा नदारद अनाधिकृत व्यक्ति से करा रहा खाद्य वितरण,निशुल्क खाद्यान्न को पैसा लेकर करा रहा वितरण।

संजय सिंह मझौली

सीधी: इन दिनों शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में कुछ विक्रेताओं द्वारा शासन के आदेश को खुलेआम ठेंगा दिखाते हुए अपने मनमर्जी तरीके से पैसा लेकर निशुल्क खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है जिसका ताजा उदाहरण दुबरी कलां राशन दुकान में देखा गया जहाँ अनाधिकृत व्यक्ति के द्वारा राशन वितरण कराया जा रहा है जिसमे विभाग के द्वारा जारी दिशा-निर्देश को भी तार-तार किया जा रहा है।

मामला जनपद क्षेत्र कुसमी के आदिम जाति सेवा सहकारी समिति चिनगवाह अंतर्गत शासकीय उचित मूल्य की दुकान दुबरी कला में देखा गया जहां 12 जनवरी 2023 की स्थिति में ग्रामीणों के साथ मीडिया द्वारा जायजा लिया गया जहां खाद्यान्न का वितरण अनिल कुमार गुप्ता के द्वारा किया जा रहा था जिसके द्वारा बताया गया कि विक्रेता रजनीश गुप्ता है और वह उसका भतीजा है साथ ही बताया गया कि यह खाद्यान्न दिसंबर माह का है जिसे पैसा लेकर देना है जहां अति गरीबी के कार्ड में चावल गेहूं शक्कर एवं नमक का 55 रु लेना बताया गया वहीं अन्य कार्ड धारियों से एक रुपए प्रति किलो की दर से लेना बताया गया जबकि मौजूद कई कार्ड धारियों द्वारा बताया गया कि अति गरीब के कार्ड में 60 रु लिया जाता है और 35 किलो के खाद्यान्न में 1 से 2 किलो तक कटौती की जाती है और कहा जाता है कि ऊपर से कटौती करके खाद्यान्न आया है इसलिए कटौती की जाती है जबकि उसी खाद्यान्न को बाहर वजन करने पर खाद्यान्न और भी कम हो जाता है साथ ही खाद्यान्न की पर्ची नहीं दी जाती है जबकि कभी-कभी यह कहकर वापस कर दिया जाता है कि तुम्हारी पर्ची नहीं निकलती है और खाद्यान्न हजम कर लिया जाता है उसे अगले मांह भी नहीं दिया जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि कमोबेश यही हाल शासकीय उचित मूल्य की दुकान चिनगवाह, खरबर, डेवा का भी है।

इनका कहना

राशन दुकान में मनमानी का आलम रहता है हमारी मां राशन लेते आती है तो दुकान में ही 1 से 2 किलो की कटौती कर लेते हैं पर्ची नहीं देते हैं बाहर तौलने पर वहां भी राशन कम हो जाता है।
जयप्रकाश भुरतिया कार्ड धारी दुबरी

35 किलो का मेरा कार्ड है जिसमें कभी एक कभी दो किलो कटौती कर लेते हैं पर्ची नहीं देते हैं और इस बार भी 60 रु लेकर खाद्यान्न दिए हैं।
उर्मिला बैगा कार्ड धारी
कई बार यह कह देते हैं कि तुम्हारी पर्ची नहीं निकलती है और फिर आना लेकिन कई बार आने पर भी खाद्यान्न नहीं देते हैं फिर दूसरे मांह में भी पहले मांह का नहीं देते हैं कटौती भी की जाती है।
पानवती बैगा कार्ड धारी
भले कहने को तो खाद्यान्न वितरण की निगरानी समिति बनी है लेकिन कोई नहीं सुनता है यहां मनमानी कटौती और खाद्यान्न में गोलमोल करना आम बात हो गई है हम लोग गरीब खाद्यान्न के लिए परेशान हो जाते हैं। इसी तरह का कथन सुनीता बैगा एवं जुगुंती बैगा सहित कई कार्ड धारियों द्वारा दिया गया है।
राजवती बैगा कार्ड धारी

शासन के द्वारा एवं विभाग के द्वारा जो भी दिशानिर्देश जारी किए जाते हैं तत्काल विक्रेताओं के ग्रुप में एवं व्यक्तिगत रूप से उनके व्हाट्सएप में मैसेज भेज देता हूं अगर उसका पालन नहीं किया गया है तो प्रतिवेदन वरिष्ठ कार्यालय को दिया जाएगा दुबरी दुकान में सहायक विक्रेता कोई नहीं है अनाधिकृत व्यक्ति का खाद्यान्न बांटना नियम विरुद्ध है इस पर भी प्रतिवेदन दिया जाएगा।

राजेश सिंह समिति प्रबंधक
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति चिनगवाह

आपके द्वारा मामला संज्ञान में दिया गया है तो इसकी जांच की जाएगी वैसे जनवरी 2023 से चाहे दिसंबर माह का खाद्यान्न हो या जनवरी का निशुल्क देना है अगर ऐसा नहीं किया गया और खाद्यान्न कटौती की जाती है या जो भी मनमानी की जाती है जांच कर विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बताना चाहूंगा कि पूर्व में आधा राशन शुल्क में दिया जाता था और आधा निशुल्क में दिया जाता था लेकिन जनवरी 2023 में पीएम जेके बाई के तहत सेंटर गवर्नमेंट से जो खाद्यान्न दिया जाता था उसका पोर्टल बंद हो गया है जिस कारण वेयरहाउस से चालान कटना बंद कर दिया गया है इसलिए सिर्फ राज्य सरकार के मद का खाद्यान्न दिया जाएगा वह भी पूर्ण रूप से निशुल्क रहेगा।
गणेश चंद्रवंशी सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी जिला सीधी

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