मध्यप्रदेश

कागजों में चल रहा सचिवीय कार्य,फर्जी कार्यों के बिल वाउचर के जरिए बजट को लगाया गया है ठिकाने।

कागजों में चल रहा सचिवीय कार्य,फर्जी कार्यों के बिल वाउचर के जरिए बजट को लगाया गया है ठिकाने।

संजय सिंह मझौली सीधी
जिले के जनपद क्षेत्र कुसमी अंतर्गत कई ग्राम पंचायतों के सचिव सिर्फ कागजों में ही सचिवीय कार्य कर रहे हैं बाकी सारी जिम्मेवारी रोजगार सहायकों को दे रखे हैं जबकि ग्राम पंचायत विकास के लिए प्राप्त बजट को फर्जी कार्यों के नाम से बिल वाउचर तैयार कर राशि भुगतान करा कर बंदरबांट किया जाता है जबकि ग्राम पंचायत में सचिव के ना रहने से जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।

कुछ इसी तरह का मामला ग्राम पंचायत दुबरी कला में देखा गया। ग्रामीणों की मानें तो यहां लगभग 3 वर्ष पूर्व से राम सुशील पटेल सचिव के रूप में पदस्थ हैं लेकिन उनका ग्राम पंचायत में कभी-कभार ही दर्शन होते हैं बाकी समय अपने ग्रह ग्राम चिनगगवाह में रहते हैं जहां उनकी पुत्रवधू रोजगार सहायक है जिनके सारे काम उन्हीं के द्वारा संपादित कराए जाते हैं जिस कारण लोगों को न तो योजनाओं का सही लाभ मिल पाता है और ना ही ग्राम विकास के कार्य निर्धारित मापदंड के तहत हो पाते हैं।

नहीं रहती निर्माण कार्य की जानकारी
ग्राम पंचायत में नरेगा योजना के तहत कई कार्य कराए जा रहे हैं जिसके संबंध में ग्रामीणों के समक्ष मीडिया द्वारा निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी चाही गई जिस पर सचिव द्वारा सीधे तौर पर कहा गया कि हमें निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी नहीं है इतना ही नहीं ग्रामीणों के सवाल पर कहा गया कि सभी को योजना का लाभ मिल रहा है जबकि मौके पर ही ग्रामीणों ने कई सवाल किए और कहा कि सचिव के दर्शन कभी कभार ही होते हैं।

जांच में हो सकते हैं बड़े खुलासे
ग्रामीणों की माने तो सचिव द्वारा जुलाई 2022 के पूर्व कई ऐसे फर्जी बिल लगाकर राशि आहरण कराई गई है जिसका न तो जमीन में कोई कार्य हुआ है और ना ही ग्राम पंचायत के रखरखाव में और संरक्षण में या सामग्री खरीदी में व्यय किया गया है बावजूद इन कार्यों के नाम पर लाखों रुपए का बिल भुगतान ऐसे वेंडर के नाम किया गया है जिनकी न तो कोई दुकान है और ना ही सामग्री बिक्री करते हैं। बताया गया कि सचिव अपने खास लोगों के नाम वेंडर का रजिस्ट्रेशन करा कर उन्हीं के नाम बिल भुगतान कर राशि को ठिकाने लगाई गई है।

फर्जी प्रस्ताव को बनाया गया आधार
ग्रामीणों ने बताया कि जिन कार्यों के नाम पर बिल भुगतान किया गया है उनका न तो पंचों द्वारा प्रस्ताव किया गया है और न ही ग्राम सभा में प्रस्ताव किया गया है ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि फर्जी प्रस्ताव के आधार पर राशि निकाली गई है। ग्रामीणों ने अभी बताया कि सचिव राम सुशील पूर्व में ग्राम पंचायत चिनगवाह में पदस्थ रहे हैं जहां नरेगा योजना में एवं ग्राम पंचायत के बजट में काफी फर्जीवाड़ा और घोटाला किया गया था लेकिन मामले को दबा दिया गया है वहां भी जांच करने पर बड़ा खुलासा हो सकता है।

सचिव के दर्शन ही नहीं होते हैं मेरे द्वारा पिछले वर्ष पीसीसी सड़क में एवं नदी सफाई में कार्य किया गया था लेकिन 1 वर्ष बाद भी मजदूरी आज तक नहीं मिली है सचिव कहते हैं हमें कोई जानकारी नहीं है।
राम लखन भुर्तिया ग्रामीण श्रमिक

सचिव को नियम के दायरे में रहकर काम करना चाहिए अगर फर्जीवाड़ा किया गया है और मजदूरी बकाया है तो यह गलत है इसकी कार्रवाई की जाएगी।
एस एन द्विवेदी सीईओ जनपद पंचायत कुसमी

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