मध्यप्रदेश

जीवन रक्षा पदक श्रृंखला पुरूष्कार से राष्ट्पति के हाथो सम्मानित होगी कुसमी की आदिवासी महिला किरण वैगा।

जीवन रक्षा पदक श्रृंखला पुरूष्कार से राष्ट्पति के हाथो सम्मानित होगी कुसमी की आदिवासी महिला किरण वैगा।

अमित श्रीवास्तव कुसमी

सीधी जिले की एक ऐसी मां जिसने मानवता की एक बड़ी मिसाल पेश की थी, उसे राष्ट्रपति ने जीवन रक्षा पदक श्रृंखला पुरस्कार से नवाजने का फैसला लिया है। वह मां कोई और नहीं बल्कि अपने बेटे के लिए 1 किलोमीटर दूर पीछा करके तेंदुए के जबड़े से अपने बच्चे को बचाने वाली मां है।

यह था पूरा मामला

सीधी जिले की एक मां ने जो अपने बच्चे की जान बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ गई और अपने बच्चे को मौत के मुंह से छीन लाई। हमले में बच्चे की गाल, पीठ और एक आंख में गंभीर चोट आई है। लेकिन महिला की बहादुरी के कारण बच्चे की जान बच गई। घायल बच्चे को उपचार के लिए कुसमी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। महिला की बहादुरी के चर्चे हर तरफ हो रहे हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी उनकी तारीफ की थी।

पूरा मामला सीधी जिले के कुसमी ब्लॉक की है। यहां संजय टाइगर बफर जोन टमसार रेंज में एक गांव है बाड़ी झरिया स्थित है जो कि तीन तरफ से पहाड़ से घिरा हुआ है। इस गांव की निवासी शंकर बैगा की पत्नी किरण बैगा देर शाम अपने बच्चों के साथ अलाव के पास बैठी आग सेक रही थी। एक बच्चा किरण की गोद में था जबकि दो बच्चे पास ही बैठे थे। इसी बीच अचानक तेंदुए ने हमला बोल दिया। तेंदुए ने एक बच्चे को मुंह में उठाया और वहां से ले निकला। किरण ने हिम्मत दिखाई और अंधेरे में ही तेंदुए के पीछे भागी। करीब एक किलोमीटर दूर तक तेंदुए के पीछे जाकर किरण अपने बच्चे को बचाकर लाने में सफल रही। घटना संबंधी किरण ने बताया कि करीब एक किलोमीटर दूर जाकर तेंदुआ उसके बच्चे को अपने पंजों से दबाकर बैठ गया।

पूरा मामला सीधी जिले के कुसमी ब्लॉक की है। यहां संजय टाइगर बफर जोन टमसार रेंज में एक गांव है बाड़ी झरिया स्थित है जो कि तीन तरफ से पहाड़ से घिरा हुआ है। इस गांव की निवासी शंकर बैगा की पत्नी किरण बैगा देर शाम अपने बच्चों के साथ अलाव के पास बैठी आग सेक रही थी। एक बच्चा किरण की गोद में था जबकि दो बच्चे पास ही बैठे थे। इसी बीच अचानक तेंदुए ने हमला बोल दिया। तेंदुए ने एक बच्चे को मुंह में उठाया और वहां से ले निकला। किरण ने हिम्मत दिखाई और अंधेरे में ही तेंदुए के पीछे भागी। करीब एक किलोमीटर दूर तक तेंदुए के पीछे जाकर किरण अपने बच्चे को बचाकर लाने में सफल रही। घटना संबंधी किरण ने बताया कि करीब एक किलोमीटर दूर जाकर तेंदुआ उसके बच्चे को अपने पंजों से दबाकर बैठ गया।

किरण ने उसके मुंह से बच्चे को छीनने की कोशिश की और वह कामयाब हो गई। तेंदुए ने उसपर भी वार किए लेकिन तब तक गांव के लोग भी मौके पर पहुंच गए। भीड़ को देखकर तेंदुआ जंगल की ओर से भाग गया।

वन अधिकारी के मुताबिक, तेंदुए के हमले में बच्चे की पीठ, गाल और आंख में चोट आई है। उसका उपचार कुसमी अस्पताल में चल रहा है। घायल बच्चे के उपचार का पूरा खर्च वन विभाग उठाएगा। इसके अलावा पीड़ित परिवार को सहयोग राशि भी प्रदान की गई है।

एसडीएम की अनुशंसा पर मिल रहा यह पुरस्कार

कुसमी एसडीएम आरके सिन्हा की अनुशंसा पर किरण बैगा को यह पुरस्कार मिलने जा रहा है। उन्होंने बताया कि हमने उनके नाम के साथ उनके साहस का भी पुरस्कार पाने के लिए उल्लेख किया था।

उन्होंने कहा कि जिस अदम्य साहस और बीरता का परिचय देकर एक मां ने अपने बच्चे को बचाया था वह सब को जानना चाहिए।

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