मध्यप्रदेश

कलयुग में पाप कर्म से मुक्ति के लिए शिवभक्ति ही मार्ग,कथा कराने और सुनने का सौभाग्य भगवान् के अनुग्रह से ही।

श्री शिव महापुराण कथा तीसरा दिन
कलयुग में पाप कर्म से मुक्ति के लिए शिवभक्ति ही मार्ग,कथा कराने और सुनने का सौभाग्य भगवान् के अनुग्रह से ही।

सीधी: चुरहट में आयोजित शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन आचार्य विनोद बिहारी गोस्वामी ने कहा कि देवाधिदेव महादेव की कथा शिव पुराण सुनने का अवसर परम सौभाग्य का विषय होता है| विधानसभा चुरहट के गृहग्राम शिवराजपुर साड़ा मे पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल के संकल्प एवं आयोजन समिति के तत्वाधान में हो रही शिव महापुराण कथा में प्रवचन करते हुए उन्होंने कहा की श्रोताओं के भी कई प्रकार होते हैं| कुछ श्रोता पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ आस्थावान होकर कथा सुनते हैं| वहीं अपने पूर्व पुण्यो के कारण और कुछ गुरुकृपा के कारण अनायास ही यह सौभाग्य प्राप्त कर जाते है|


गोस्वामी जी ने कहा कि अपने पूर्व जन्म के पुण्य गुरु और माता-पिता के आशीर्वाद के कारण यह सुअवसर उपलब्ध होता है| भोले बाबा की शिव महापुराण का महात्म्य ही यह है कि शिव कथा श्रद्धा से सुनने वाले की तो मुक्ति और कामनाएं पूर्ण होती है लेकिन यदि कोई अनचाही अवस्था में या अनायास जिसके कानों में महादेव की कथा पड़ जाती है उसका भी जीवन धन्य हो जाता है|
उन्होंने कहा कि यह प्रसंग कल भी कथा में आया था| श्री सूत जी महाराज शिव महापुराण की कथा शौनक आदि ऋषियों को श्रवण करा रहे थे| जो व्यक्ति साधारण पद प्राप्ति की इच्छा से शिव महापुराण की कथा श्रवण करता है वह भी समस्त पातको से मुक्त हो जाता है और उसकी सभी कामनाएं पूर्ण हो जाती है| कई लोग कहते हैं हम भी कथा कराने के लिए प्रयासरत तो हैं अनेक वर्षों से कथा कराने का विचार रखते हैं लेकिन जब प्रभु की कृपा होती है, जब गुरु का आशीर्वाद मिलता है तभी तो यह सत्संग सुलभ होता है| जब भगवान की कथा सुनने की इच्छा जागृत हो और हमारे द्वारा प्रयत्न हो और भगवान का अनुग्रह हो तब हमारे आपके जीवन में कथा कराने, कथा सुनाने या कथा सुनने का सौभाग्य मिलता है
शिव तो स्वच्छ जल,बिल्व पत्र,कंटीले और न खाए जाने वाले पौधों के फल धूतरा आदि से ही प्रसन्न हो जाते हैं। शिव को मनोरम वेशभूषा और अलंकारों की आवश्यकता भी नहीं है। वे तो औघड़ बाबा हैं। जटाजूट धारी,गले में लिपटे नाग और रुद्राक्ष की मालाएं,शरीर पर बाघम्बर, चिता की भस्म लगाए एवं हाथ में त्रिशूल पकड़े हुए वे सारे विश्व को अपनी पद्चाप तथा डमरू की कर्णभेदी ध्वनि से नचाते रहते हैं। कथा वाचन कर रहे आचार्य गोस्वामी जी ने बताया कि ऐसे परोपकारी और अपरिग्रही शिव का चरित्र वर्णित करने के लिए ही इस पुराण की रचना की गई है। इस पुराण में कलियुग में पापकर्म से ग्रसित व्यक्ति को ‘मुक्ति’ के लिए शिव-भक्ति का मार्ग सुझाया गया है।


‘शिव पुराण’ का माहात्म्य प्रकट करते हुए गोस्वामी जी ने प्रसंग में चंचुला नामक एक पतिता स्त्री की कथा सुनाई जो शिव पुराण सुनकर स्वयं सद्गति को प्राप्त हो जाती है। यही नहीं, वह अपने कुमार्गगामी पति को भी मोक्ष दिला देती है। इसी के साथ तृतीय दिवस की कथा का विराम हुआ।
कथा प्रारंभ होने के पूर्व कथावाचक श्री विनोद बिहारी गोस्वामी जी का कटनी से पधारी श्रीमती पदमा शुक्ला पूर्व विधायक चितरंगी श्रीमती सरस्वती सिंह सतना से श्रीमती उर्मिला त्रिपाठी एवं श्रीमती गीता सिंह द्वारा पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया तत्पश्चात पत्रकारिता जगत के महानुभावों से महाराज जी का स्वागत कराने के तारतम्य में कल पत्रिका समूह से मनोज पाण्डेय नवभारत टाइम्स से आदित्य सिंह द्वारा माल्यार्पण किया गया था उसी कड़ी में आज स्टार समाचार ग्रुप से आर बी सिंह नवस्वदेश समाचार से नंदलाल पटेल ने माल्यार्पण से स्वागत किया।

मंत्रोचार के साथ श्री रूद्र महायज्ञ हवन कुंड में दी गई आहुति

पंडित विनोद बिहारी गोस्वामी के सानिध्य में पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल श्री श्री 1008 रूद्र महायज्ञ के तृतीय दिवस जेष्ठ भ्राता अभिमन्यु सिंह सहित सपरिवार हवन कुंड में यज्ञ कर आहुति दी, विगत कल हवन कुंड में अग्नि स्थापना कर हवन प्रारंभ किया गया था समस्त जगत के कल्याण की कामना के साथ पंच कुंडीय यज्ञ हवन निरंतर जारी है।

शिव महापुराण की आरती राज्यसभा सांसद अजय प्रताप सिंह,पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल, विधायक दमोह अजय टंडन,पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना,पूर्व विधायक राजालाल बघेल,राजेंद्र गुरु दमोह,मैहर नगर परिषद के अध्यक्ष धर्मेश घई,जिला पंचायत अध्यक्ष उज्जैन करण कुमारिया,अशोक शाह,श्रीमती रेणु शाह,सिंगरौली शहर अध्यक्ष अरविंद सिंह चंदेल द्वारा की गई।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल के जेष्ठ भ्राता अभिमन्यु सिंह दीपू सहित हजारों शिवभक्तों ने कथा का रसपान किया।

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