मध्यप्रदेश

भागवत ऐसा दर्पण है जिसमें हम अपनी कमियां ढूंढ सकते हैं – शिवमूरत देव जी महाराज।

भागवत ऐसा दर्पण है जिसमें हम अपनी कमियां ढूंढ सकते हैं – शिवमूरत देव जी महाराज।

कुसमी अमित श्रीवास्तव।

सीधी जिले के कुसमी वनांचल क्षेत्र के बनवासी बजरंगबली मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन 27 अप्रैल से 5 मई तक किया जा रहा है। जिसकी शुरुआत 27 अप्रैल से शुरू हो चुकी है 5 मई को विशाल भंडारा कार्यक्रम वनवासी वजरंगबली समिति के द्वारा आयोजन किया जा रहा है जिसमें धौहनी विधायक कुंवर सिहं टेकाम सहित दूर-दूर तक अतिथियो को आमंत्रित किया गया है।
कथा के शुभारंभ के दौरान कथावाचक शिवमूरत देव जी महाराज ने कथा में कहा कि हम सब स्वयं अपना निरीक्षण करने के बजाय दूसरों के निरीक्षण में ज्यादा रुचि और ध्यान रखते हैं। याद रखें दूसरों का मूल्यांकन करने वाला सदैव दुखी रहता है। श्रीमद् भागवत केवल कथा नहीं, मन को सुंदर और शुद्ध बनाने का सशक्त माध्यम है। यह ऐसा दर्पण है, जिसमें हमें अपनी कमियां भी दिखाई दे सकती हैं। हम कितने शुद्ध और निर्मल हैं, इसका आकलन करना है तो भागवत की शरण में जरूर बैठे।

भागवत आत्म निरीक्षण करना सिखाती है। स्वच्छता बाहर की होती है और पवित्रता अंदर की। हम कितने स्वच्छ और कितने पवित्र हैं, इसका अंदाजा हमें भागवत के श्रवण से ही मिलेगा। राम और कृष्ण इस देश के आधार स्तंभ हैं। इनके बिना भारत भूमि की कल्पना करना भी संभव नहीं है। कथा के शुभारंभ में धौहनी के पूर्व विधायक पंजाब सिंह कुसमी के तहसीलदार रोहित सिंह परिहार,अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी कुंवर बहादुर सिंह आजाद समाजसेवी शंभू गुप्ता बद्री गुप्ता पूर्व प्राचार्य डॉक्टर ए एच अंसारी ,वकील राजेंद्र तिवारी अनुसुइया तिवारी धिरेश द्विवेदी संतोष जायसवाल सहित कुसमी के सैकड़ों की संख्या में लोग कथा श्रवण करने पहुंचे हुए थे।

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