मध्यप्रदेश

सियासत इन-दिनों,धौहनी विधानसभा पर भाजपा एवं कांग्रेस के ज्यादा फोकस पर सवाल ? दोनों पार्टी लगातार यहीं कर रही हैं कसरतें।

सियासत इन-दिनों,धौहनी विधानसभा पर भाजपा एवं कांग्रेस के ज्यादा फोकस पर सवाल ? दोनों पार्टी लगातार यहीं कर रही हैं कसरतें।
आर.बी.’राज’। सीधी
इस वर्ष के अंत में माह नवंबर में मध्य प्रदेश विधानसभा के चुनाव प्रस्तावित हैं जिसके मद्देनजर सीधी जिले में हौले-हौले अब चुनावी पतीली में आज बढ़ती हुई दिखने लगी है।
दोनों पार्टियों द्वारा अपनी-अपनी फील्डिंग जमाने की शुरुआत कर दी गई है। किसे कहा बैटिंग करना है ? किसे कहां फील्डिंग करना है और किसे कहां बॉलिंग करना है ? इस बात को लेकर प्रथम चरण के प्रारंभिक दौर की कसरत प्रारंभ हो चुकी है।
अभी से निशाने पर है धौहनी विधानसभा क्षेत्र
जिले के धौहनी विधानसभा क्षेत्र में जो सबसे रोचक तथ्य निकलकर सामने आ रहा है उसमें दोनों पार्टियों कांग्रेस एवं भाजपा के नेताओं की नजर जिले की अन्य 3 विधानसभाओं की तुलना में यही पर क्यों टिकी हुई है ? कही न कहीं भाजपा भी ये मान रही है कि यहां पार्टी को खतरा है। जबकि कांग्रेस को भाजपा एवं उसके विधायक के प्रति एंटी इनकंबेंसी फैक्टर का लाभ मिलने की उम्मीद है।
तीन दिनों तक डटे रहे राज्यपाल, शिवराज ने भी ली सभाएं
यहां के भाजपा के प्रति एंटी-इनकंबेंसी एवं विधायक कुंवर सिंह टेकाम के प्रति लोगों में नाराजगी होने की वजह से भाजपा इस सीट को लेकर चिंतित है। इसी के मद्देनजर मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल बीते कुछ महीनों पूर्व तीन दिनों तक धौहनी विधानसभा क्षेत्र के परसिली रेस्ट हाउस में रुके रहे इस दौरान उन्होंने यहां के जनजातीय समुदाय के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। गरीब की कुटिया में खाना भी खाया।
इसके बाद बीते महीने ही प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह खुद धौहनी विधानसभा क्षेत्र में आकर सभा को सम्बोधित करते हुए कई योजनाओं की सौगातें देने की घोषणाएं कर गए हैं।
दिग्विजय सिंह भी कांग्रेस को मजबूती दिलाने लेकर गए पार्टी बैठक
इतना ही नहीं कांग्रेस की भी इस विस में खास नजर है, यहां पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी अभी हाल में ही पहुंचे। उन्होने पत्रकारों से बात करने के अलावा मझौली क्षेत्र में कार्यकर्ताओं का सम्बोधन भी किया तथा उनसे सुझाव लिए। दिग्विजय सिंह कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र भी देकर चले गए।
इस विधानसभा क्षेत्र में स्थिति ये है कि कांग्रेस दो खेमों में बटी हुई थी जिसका फायदा भाजपा प्रत्याशी को होता रहा है। यहां कुंवर सिंह टेकाम को पिछली बार तो काफी कम मतों से विधायक के रूप में विजय हासिल हुई है। कांग्रेस भी ये मान रही है कि इस विधानसभा क्षेत्र में अब फोकस करने की जरूरत है।
सत्ताधारी विधायक की हालत पतली 
पिछली बार किसी तरह इस सीट को बचाने में कामयाब रहने वाले विधायक कुंवर सिंह से व्यक्तिगत रूप से इस क्षेत्र की जनता में नाराजगी की खबरें हैं। विधायक की हालत पतली होने के कारण इस तरह का दौरा भाजपा द्वारा किया जा रहा है। ऐसे भी कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं भाजपा अपने विधायक का टिकट बदलकर किसी चेहरे नए चेहरे को तो मौका देने वाली नहीं है ?
गुटबाजी के कारण हारती रही है कांग्रेस
इस विधानसभा में कई दशकों से कांग्रेस दो गुटों में है कहने के लिए तो यह विधानसभा अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है परंतु इस आरक्षित सीट पर इन दोनों गुटों के नेता सवर्ण वर्ग से आते हैं ऐसे में जिसे प्रत्याशी बनाया जाता है वह इन दो गुटों के उन सवर्ण वर्ग के नेताओं का खास आदमी होता है।
चुनाव के दौर में कांग्रेस के इन दोनों गुटों के नेता कसम खाते हैं कि जिसे टिकट मिलेगा उसके लिए काम करेंगे लेकिन जब टिकट इन दो गुटों में से किसी एक गुट के को मिलता है तो दूसरा गुट उसे अपनी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का सवाल बना कर कांग्रेस को ही हराने में कोई कसर नहीं छोड़ता।
एक वो भी दौर था जब कुंवर अर्जुन सिंह जिसे टिकट देते थे सभी नेता एकजुट होकर उसके लिए काम करते थे। आज वही जरूरत कांग्रेस पार्टी के भीतर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल एवं पूर्व मंत्री तथा सिहावल विधायक कमलेश्वर पटेल के साथ मिलकर काम करने की है। क्योंकि कांग्रेश की इसी गुटबाजी की लड़ाई का फायदा कहीं पंचवर्षीय से लगातार भाजपा को होता रहा है।
अब शायद कांग्रेस में एकजुटता दिलाने के लिए दिग्विजय सिंह यहां पहुंचे थे जिस दौरान पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल एवं पूर्व मंत्री तथा सिहावल विधायक कमलेश्वर पटेल भी मौजूद थे। इन सभी वरिष्ठ नेताओं ने अपने हिसाब से नेताओं को एकजुटता का संदेश दिया है।
अब आगे क्या होगा ये तो आने वाला समय बताएगा लेकिन वर्तमान परिस्थितियां देखें तो विधायक कुंवर सिंह टेकाम की हालत पतली है, उनकी टिकट पर संकट के बादल गहराए हुए हैं।
समस्याओं को भूलकर आपस में लड़ रहे दोनों पार्टी के नेता
धौहनी विधानसभा क्षेत्र में समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है जबकि ये वनांचल एवं आदिवासियों से घिरा विधानसभा क्षेत्र माना जाता है। यहां समस्याओं का अम्बार है। आज भी इस विधानसभा क्षेत्र में लोग पानी के लिए गर्मी के दिनों में कोसों दूर भटकते हैं। दिखावे के लिए तो ये कहा जाता था कि हर घर में शौचालय होगा लेकिन जब पानी ही नहीं तो शौंचालय का मतलब क्या रहेगा। जहां शौचालय बना भी दिया गया है उसमें अधिकतर स्थानों में उपरी कंडा रखे हुए हैं। धौहनी विधानसभा क्षेत्र के पंचायतों में यदि नजर दौड़ाई जाय तो सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार भी हुआ है। लोगों को जागरूकता न होने का फायदा सरपंच एवं सचिव सहित अधिकारियों ने भरपूर उठाया है। जिस वजह से इस विधानसभा में आज भी लोग शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं इस पर ध्यान भटकाने को लेकर अब भाजपा, कांग्रेस एक दूसरे पर आरोप मढ़ रहे हैं। भाजपा के विधायक जनता के बीच जाने से कतराते हैं जब आते भी हैं तो शिकायतों पर कोई अमल नहीं होती। यही वजह है कि उनकी गाड़ी भी रोक दी जाती है ताला में कुछ माह पहले विधायक की गाड़ी के सामने विरोध प्रदर्शन भी हुआ था।

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