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Sonebhadra: सात वर्ष पूर्व हुई शिवकुमार बैगा की हत्या के मामले में दोषी को उम्रकैद

 

40 हजार रुपये अर्थदंड, न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद

सात वर्ष पूर्व गोपाल बैगा की हुई थी हत्या

पोल खोल सोनभद्र

(राजेश पाठक)

सात वर्ष पूर्व हुई शिवकुमार बैगा की हत्या के मामले में सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार यादव की अदालत ने शनिवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी मुन्नालाल चेरो को उम्रकैद एवं 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। वहीं अर्थदंड में से 30 हजार रुपये मृतक की पत्नी को मिलेगी।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक कोन थाने में दी तहरीर में थाना क्षेत्र के हर्रा टोला निवासिनी रजवंती देवी ने 28 जून 2015 को अवगत कराया था कि उसके पति 25 जून 2015 को शाम 5 बजे उसके सगे भाई को बस पर बैठाने के लिए गए थे, लेकिन वे वापस नहीं लौटे। हर सम्भावित जगह खोजबीन की गई, लेकिन कहीं पता नहीं चला। 27 जून 2015 को पता चला कि एक शव बेढ़वा जंगल मे फेका गया है। जब देखा गया तो घर से एक किमी दूर जंगल मे सफेद प्लास्टिक के बोरे में पत्थर की आड़ में पति का ही शव था।

जंगली जानवर शव को जगह-जगह नोच दिए थे। कपड़े व चप्पल से शव की पहचान हुई। पूर्ण विश्वास है कि पुरानी रंजिश के चलते मुन्नालाल चेरो पुत्र स्वर्गीय बंधु चेरो ने कुछ लोगों के साथ मिलकर उसके पति की हत्या करके शव को छुपा दिया था। इस तहरीर पर अभियुक्त मुन्नालाल चेरो के विरुद्ध धारा 302, 201 आईपीसी में मुकदमा पंजीकृत किया गया।

विवेचना के उपरांत अभियुक्त मुन्नालाल चेरो के विरुद्ध आरोप पत्र प्रेषित किए जाने के उपरांत विचारण सत्र न्यायालय सोनभद्र द्वारा किया गया। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी मुन्नालाल चेरो को उम्रकैद एवं 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड जमा किए जाने के उपरांत उसमें से 30 हजार रुपये मृतक की पत्नी को बतौर प्रतिकर मिलेगा। जिला शासकीय अधिवक्ता ज्ञानेंद्र शरण राय राज्य सरकार की ओर से अपने तर्क रखे।

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