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Sonebhadra: प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की आड़ में ख़फाया जा रहा है दवा व बीटाडीन

 

प्रिंट रेट पर बेचा जा रहा है जेनरीग दवा के जगह बाहर की दवाएं सीएमएस खुद एक पर्ची पर बाहर की दवा मंगवाते है सिग्नेचर करके

पोल खोल सोनभद्र

(दिनेश पाण्डेय)

जन औषधि केंद्र जिले में होने के बाद भी गरीबो को महंगी दवा खरीदना पड़ रहा जिला अस्पताल के डाक्टर पर्ची के साथ एक छोटी पर्ची देकर जन औषधि से दूसरी दवा मंगवाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ड्रीम प्रॉजेक्ट को जन औषधि केन्द्र के आड़ में फल फूल रहा है।जन औषधि केंद्र के कर्मचारी ने बताया कि 15 हजार रु एनजीओ को देते है रही बात की जिला अस्पताल का बिल्डिंग पैसा क्यो पड़ताल किया गया तो पता चला कि हॉस्पिटल का बिल्डिंग है

तो 15 हजार किसको देता है। प्रधानमंत्री जन औषधि योजना एक जुलाई 2015 को लाई गई थी। इस योजना के तहत सस्ते दर पर उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाईयों को उपलब्ध कराना था। जेनेरिक दवाइयां ब्रांडेड या फार्मा की दवाइयों के मुकाबले सस्ती होती हैं, जबकि प्रभावशाली उनके बराबर ही होती है। प्रधानमंत्री जन औषधि अभियान मूलत: जनता को जागरूक करने के लिए शुरू किया गया हैं

ताकि जनता समझ सके कि ब्रांडेड मेडिसिन की तुलना में जेनेरिक मेडिसिन कम मूल्य पर उपलब्ध हैं साथ ही इसकी क्वालिटी में किसी तरह की कमी नहीं हैं। चिकित्सको की साठ गांठ से जन औषधि पर महंगी दवाइयां बेची जा रही है।जन औषधि कर्मचारी इसके बाद भी खुलेआम धड़ल्ले से डॉक्टर की लिखी दवा बेच रहा है इनको नही है किसी की डर। इसपर सीएमएस से फोन से जानकारी लेना चाहा तो उनका मोबाइल फोन रिसिब नही हुआ जिससे कि उनका पक्ष नही रखा गया।

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