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Sonebhadra: परिवहन विभाग के फर्जी रिलीजिंग आर्डर मामले में 6 लोगों को चिन्हित किया है एआरटीओ दफ्तर के बाबू, पुलिसकर्मी व बाहरी दलाल भी शामिल हैं

थानों से वाहनों को छुड़ाने के मामले की खबरों ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं परिवहन विभाग

पोल खोल सोनभद्र

(दिनेश पाण्डेय)

फर्जी रिलीज ऑर्डर के सहारे विभिन्न थानों में बंद गाडियों को छुड़ाने की खबरों ने सुर्खियां बटोरनी शुरू की तो मामले पर पर्दा डालने के क्रम में परिवहन विभाग ने उक्त मामले की एफआईआर दर्ज करा चुप्पी साध ली।एफआईआर दर्ज होते ही उक्त विवेचना कर रही पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले जिसके बाद पुलिस ने इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने की तैयारी में है।मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस ने अब तक उक्त गिरोह के 6 लोगों को चिन्हित किया है जिसमें परिवहन अधिकारी समेत एआरटीओ दफ्तर के बाबू , पुलिसकर्मी व बाहरी दलाल भी शामिल हैं।

पुलिस अधीक्षक डॉ यशवीर सिंह ने प्रकाश में आये उक्त सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।बाद परिवहन विभाग में हड़कम्प मचा हुआ है ।पुलिस विभाग की इस कार्यवाही से फिलहाल परिवहन विभाग के दफ्तर में ज्यादातर चैंबर खाली नजर आये वहीं परिवहन कार्यालय के बाहर दलालों की दुकान खुलेआम चलती दिखी। यहां आपको बताते चलें कि खनन विभाग,वाणिज्य कर विभाग और परिवहन विभाग की तरफ से विभिन्न तिथियों में की गई चेकिंग की कार्रवाई में बिना वैध परिवहन प्रपत्र के परिवहन कर रहे वाहनों को सीज कर विभिन्न थानों में खड़ा कराया गया था।

वहीं उक्त सीज वाहनों को पिछले वर्ष मई और जून में संबंधित थानों से परिवहन विभाग का फर्जी रिलीज आर्डर दिखाकर सैकड़ों वाहनों को छुड़वा लिया गया था। जब उक्त मामला प्रकाश में आया तो परिवहन विभाग के साथ ही पुलिस विभाग के भी होश उड़ गए । दोनों विभागों ने पहले अपने अपने स्तर से मामले को दबाने का प्रयास किया लेकिन जब ऐसा हो नहीं सका और मामला मीडिया में आते ही आरटीओ मिर्जापुर संजय तिवारी ने मिर्जापुर के एआरटीओ की अगुवाई में टीम गठित कर उक्त मामले की जांच कराई तो पता चला कि शिकायत सही है ।

इस पर उन्होंने तत्कालीन एआरटीओ प्रशासन पी 0 एस 0 राय को पूरे मामले की जानकारी से तत्काल जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को अवगत कराने का निर्देश दिया था ।उक्त निर्देश के क्रम में ही तत्कालीन एआरटीओ पी 0एस राय ने चार थानों और पुलिस चौकी पर सीज ट्रकों को परिवहन विभाग के फर्जी रिलीज आर्डर पर छूटे ट्रक नंबरो के आधार पर उक्त ट्रकों पर मुकदमा दर्ज कराया था ।वहीं अब तक की गयी विवेचना में पुलिस ने फर्जी रिलिजिंग आर्डर जारी करने के खेल में शामिल विभागीय व परिवहन विभाग में तैनात कुछ कर्मियों के अलावा कुछ बाहरी दलालों को भी चिन्हित कर आरोपी बनाया है। हालांकि अभी पुलिस की विवेचना जारी है । एसपी के आदेश पर पुलिस की टीमें फर्जी रिलिजिंग आर्डर जारी कर करोड़ों रुपये सरकारी धन हजम करने के खेल में शामिल लोगों की तलाश शुरू कर दी है।

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