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Sonebhadra: यूपी का शराब बिहार प्रान्त में खपाने के लिए ले जाया जा रहा था पुलिस ने शराब तस्करों को पकड़कर किया भंडाफोड़

क्राइम ब्रांच, थाना विण्ढमगंज व दुद्धी पुलिस द्वारा 5100 पाउच अवैध अंग्रेजी शराब के साथ 6 शराब तस्कर गिरफ्तार

पोल खोल सोनभद्र

दिनेश पाण्डेय)

शराब तस्करों का आका कौन यूपी में कौन कौन है शामिल क्या इसमे सफेद पोस धारी भी है सीमावर्ती प्रान्त बिहार में शराब बन्दी के कारण अवैध रुप से भारी मात्रा में शराब तस्करी बिहार प्रान्त में ले जाई जा रही थी। इस सूचना पर अपराधियों की गिरफ्तारी व बरामदगी हेतु डॉ0 यशवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक जनपद सोनभद्र द्वारा थाना विण्ढमगंज पुलिस को विशिष्ट निर्देश दिये गये। मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि तस्करों द्वारा 02 पिकअप 1. BR1GG9246(फर्जी नम्बर), 2. BR1GG6672 (फर्जी नम्बर) के डाला और बॉडी में चेचिस के अंदर जगह जगह पर भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब को छुपा कर तस्करी कर शराब की बड़ी खेप बिहार ले जा रहे है।

थाना विण्ढमगंज व दुद्धी की पुलिस टीम के द्वारा घिवही रेलवे क्रासिंग के पास से 02 पिकअप में बैठे कुल 06 व्यक्तियों (प्रत्येक में 03-03 व्यक्ति) को भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए लोगों के साथ बरामद महिंद्रा बोलेरो पिकअप वाहनों की तलाशी लेने पर पाया गया कि इन अभियुक्तों के द्वारा पिकअप वाहन के डाला एवं बॉडी में विशेष रूप से जगह बनाकर उनके अंदर अवैध शराब के पाउच/टेट्रा पैक रखे गए हैं एवं ऐसी शराब को छुपाकर उसके ऊपर लोहे की चद्दर लगाकर वास्तविक डाला/ट्रॉली का रूप दे दिया गया है जिससे कोई यह न जान पाए कि बॉडी के अंदर डाला/ट्रॉली में शराब छुपाई गई है। थाना विण्ढमगंज पर मु0अ0सं0-06/23 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 411, 120बी भादवि व धारा 60/63/72 आबकारी अधिनियम का अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की जा रही है ।

विवरण पूछताछ-
पूछताछ पर अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि बिहार प्रांत में शराबबंदी होने के कारण शराब की उपलब्धता नहीं हो पा रही है इसी वजह से अगल-बगल के राज्यों से शराब की तस्करी कर बिहार में लाई जाती है जहां पर महंगे दामों पर वह शराब बेची जाती है जिससे काफी मुनाफा होता है। इसके पहले भी हम लोग कई बार इस तरफ से अंग्रेजी शराब की बड़ी खेपें तस्करी कर बिहार में ले जा चुके हैं, आज भी हम लोग अवैध अंग्रेजी शराब की यह खेप म्योरपुर से बिहार में बेचने के लिये ले जा रहे थे । सोनू राय ने पूछताछ करने पर बताया कि हम लोग जो पिकअप लेकर आये हैं वह पिकअप चोरी की है तथा दोनों गाड़ियों पर जो नम्बर प्लेट लगा है वह फर्जी है। इस प्रकार की तस्करी में हम लोग प्रायः चोरी लूट की गाड़ियों का ही इस्तेमाल करते हैं और उनके नंबर प्लेट फर्जी तरीके से बदलकर उनका प्रयोग करते हैं यह शराब हम लोग बिहार में लेकर जा रहे थे वहां इसको बेच कर हम लोग भारी मुनाफा कमा लेते हैं

यहां पर रेणुकूट का रहने वाला कौशल कुमार नाम का व्यक्ति है जो थोक दुकानदार फुटकर दुकानदार और लोकल के लोगों से तालमेल कर हम लोगों को माल उपलब्ध करवाता है और यहां के तमाम दुकानदार ऊंचे दामों पर हम लोगों को अंग्रेजी और अन्य प्रकार की शराब उपलब्ध करा देते हैं। मेरी और मेरे अन्य साथियों की वार्ता यहां के थोक एवं फुटकर दुकानदारों से भी होती है और तालमेल बनाकर हम लोग किसी हाते या दुकान के आस पास से ही माल लोड कर लेते हैं। जो माल आज पकड़ा गया है वह माल हम लोगों ने म्योरपुर में राहुल जयसवाल और खड़िया रेणुकूट दुकान से लोड किया था। हम लोगों को कौशल ही राहुल जायसवाल, अनुग्रह नारायण सिंह इत्यादि के यहां माल के लिए भेजते हैं ।

पूछताछ में राहुल जायसवाल ने बताया कि मेरे पिता के नाम से म्योरपुर में बीयर की दुकान है और कौशल से संपर्क हो जाने पर ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में मैं शराब के कारोबार में लगे हुए लोगों से अपने संपर्कों का फायदा उठाकर थोक दुकानदार से सेटिंग करके अंग्रेजी शराब की खेप मंगवाता था और सोनू राय और बिहार के अन्य लोगों को ऊंचे दामों पर बेच दिया करता था। इसके पूर्व भी मैं कई बार बिहार की पार्टी को अवैध तरीके से अंग्रेजी शराब की सप्लाई कर चुका हूं। मेरी कौशल कुमार रेनूकुट से शराब को बिहार भेजने के लिए बातचीत होती है ।

कौशल कुमार ही मेरे यहां से इनलोगों को शराब दिलवाता है। हम लोग थोक शराब विक्रेता और फुटकर शराब विक्रय के दुकानदार आपस में तालमेल से यह कारोबार करते हैं जिसमें थोक दुकानदार भी ज्यादा मुनाफा लेकर फुटकर दुकानदार के कोटे का माल शराब अवैध तरीके से इन तस्करों को उपलब्ध करा देते हैं और फुटकर दुकानदार तस्करों से भारी मुनाफा लेते हुए अपना माल तस्करों को बेच देते हैं इससे दुकानदार का कोटा भी पूरा हो जाता है और मुनाफा भी बहुत ज्यादा होता है। इसमें हम सभी का फायदा होता है।

जो शराब मैने इनको बिहार ले जाने के लिए बेची है वह शराब के गोदाम से दुकान संख्या 13678 खड़िया शक्तिनगर जो अनुग्रह नारायण सिंह के दुकान के लिए आबंटित है।गिरफ्तार अभियुक्तगण का विभिन्न स्थानों पर काफी आपराधिक इतिहास पाया गया है जो कि अवैध शराब की तस्करी में पूर्व में भी कई बार जेल जा चुके हैं और इनके विरुद्ध बिहार प्रांत सहित तमाम स्थानों पर मुकदमा पंजीकृत हैं चोरी के बोलेरो पिकअप वाहन के संबंध में संबंधित थाने में पंजीकृत एफआईआर के क्रम में अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है अभियुक्तों से गहनता से पूछताछ करते हुए इनके अन्य आपराधिक कृत्यों की भी जानकारी कर विधिक कार्यवाही की जा रही है।

वही सूत्रों द्वारा पता चला कि आबकारी विभाग की मिली भगत से अन्य प्रान्त में शराब की खेप पहचाई जाती है जिससे कि यूपी में शराब की रेवेन्यू पूरा करने के लिए सारी खेल खेला जाता है जिसमे पुलिस ने शराब तस्कर को पकड़कर शराब माफियाओं के भण्डाफोड़ कर दिया गया है।

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