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Sonebhadra: विकास भवन में रियलिटी चेक में 10 बजे के बाद अधिकारियो की कुर्सी मिली खाली

निरन्तर सीट से गायब रहते हैं,अधिकारी ,कर्मचारी जिसके कारण जनता को हो रही परेशानी।

पोल खोल सोनभद्र

(दिनेश पाण्डेय)

ड्यूटी समय का उपहास उड़ाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की इन हरकतों से ग्रामीणों को तमाम दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। डीएम की सख्ती होने पर दो चार दिन राइट टाइम के बाद फिर पुराने ढर्रे पर चलने लगते हैं। इसी की सत्यता हेतु धरातल की हकीकत जानने विकास भवन पहुंची मीडिया की टीम। जनपद सोनभद्र एरिया के दृष्टिकोण से दुरूह और बहुत विस्तारित है।

ऐसे में योजनाओं एवं समस्याओं के निस्तारण हेतु तमाम बाधाओं को लांघ कर जब फरियादी जनपद मुख्यालय पहुंचते हैं तो अधिकारी कार्यालय से नदारद रहते हैं। तो ऐसे में कल्पना कर सकते हैं कि सुदुरांचल से आने वाले ग्रामीणों पर क्या बीतती होगी। रीयल्टी चेकिंग में अक्सर अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी सीटों से गायब रहते हैं।दस बजे रीयल्टी चेकिंग हेतु विकास भवन में पहुचा तो अधिकारियों के चैम्पर में कुर्सियां खाली पड़ी रही कही दरवाजा बंद पड़ा रहा इससे पहले भी मीडिया की टीम ने रियलिटी चेकिंग के दौरान कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मौके से गायब पाया था।

परन्तु पुनः प्रकाश में आया है कि कुछ अधिकारी एवं कर्मचारी फिर पुराने ढर्रे पर चलने लगे है। रियल्टी चेकप के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी का चेम्बर बंद मिला। सहायक निदेशक मत्स्य समय 11 ए एम पर चेम्बर से नदारद पाये गये। एनआरएलएम कार्यालय में भी कुछ कर्मचारी अपनी सीट से गायब थे। अगर अधिकारियों और कर्मचारियों का लेट लतीफी वाला रवैया ऐसा रहेगा तो शासन प्रशासन की नीतियां जनता तक कैसे पहुंचेगी। तनख्वाह पर गुज़र बसर करने वाले कुछ कर्मचारी एवं अधिकारी विभाग को मौसी जी का घर समझ रखा है। जब मन किया तब दफ्तर आये, जब दिल किया चले गए।

लगता है कि कुछ लोगों के लिए कार्यालय का समय कोई माने नहीं रखता। समय की शिला पर खड़ी जनता डबल इंजन की सरकार में ऐसी अंधेगर्दी देख अचरज में पड़ी हुई है। अब देखना है कि इस अंधेगर्दी को रोकने के लिए वह क्या कारवाई अमल में लाते हैं। हालांकि डीएम लगातार स्वयं दफ्तरों में औचक जांच समय समय पर करते रहते हैं। इसके बाद भी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लेटलतीफी और दफ्तर से गायब रहने की बीमारी दूर नहीं हो रही है।

इसकी रोकथाम के लिए डीएम ने पहले भी कहा था कि वह तहसील/ब्लाकों तथा अन्य कार्यालयों के अलावा गेहूं क्रय केंद्रों का भी औचक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान जो भी अधिकारी तथा कर्मचारी कार्यालयों में गैरहाजिर मिलेंगे, उनको दंडित किया जाएगा। मीडिया से रु ब रु होते हुए डीएम ने कहा था कि शिकायत मिली है कि अधिकतर अधिकारी एवं कर्मचारी तीन बजे के बाद घरों को चले जाते हैं। कहा कि जल्द ही तीन बजे के बाद भी निरीक्षण किए जाएंगे। अब देखना है रियलिटी चेक में नदारद अधिकारी एवं कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

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