FEATUREDउत्तर प्रदेशसोनभद्र

Sonebhadra: 23वाँ राष्ट्रीय वनवासी खेल और सांस्कृतिक महोत्सव सम्पन्न होने पर राज्य सभा सासंद ने मीडिया के साथ हुए रूबरू

 

नेपाल सहित सम्पूर्ण देश के 29 प्रान्तों से 389 पुरूष, 473 महिला खिलाड़ी, 300 प्रबन्धक, 141 कोच, मैंनेजर, निर्णायक तथा 615 सांस्कृतिक कलाकारों के भाग लिया

पोल खोल सोनभद्र

(दिनेश पाण्डेय)

वनवासी समाज के सर्वांगीण उन्नति के क्रम में होने वाले इस आयोजन में नेपाल सहित सम्पूर्ण देश के 29 प्रान्तों से 389 पुरूष, 473 महिला खिलाड़ी, 300 प्रबन्धक, 141 कोच, मैंनेजर, निर्णायक तथा 615 सांस्कृतिक कलाकारों के साथ-साथ हजारों की संख्या में वनवासी समाज, ग्रामवासी व नगरवासियों ने भी इस आयोजन में प्रतिभाग किया। 11 जनजातियों के बैगा पुजारियों द्वारा पारम्पारिक पूजन एवं उ0प्र0 के खेलमंत्री एवं जनजाति कार्यमंत्री द्वारा इस आयोजन का शुभारम्भ हुआ। बिहार, झारखण्ड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश की सीमाओं से घिरा उ०प्र० का सोनभद्र जनपद के सेवाकुंज आश्रम में सप्ताह भर चले इस आयोजन में विविधता में एकता के साथ-साथ वनवासी समाज का नेतृत्व कौशल भी देखने की मिला।

परस्पर एक दूसरे की भाषा, खान-पान अलग होते हुए भी “तू मैं एक रक्त” के भाव से वनवासी कल्याण आश्रम के आहवान पर सम्पूर्ण देश के वनवासी समाज का भविष्य इस आयोजन में एक साथ दिखा। जिस देश के कोने-कोन में समाचार के रूप में पहुचाने मे पत्रकार बन्धुओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समापन के सत्र में रेणुका सिंह, राज्यमंत्री, केन्द्रीय जनजाति कार्य मंत्रालय व संजीव गोंड़, राज्यमंत्री, समाज कल्याण उ०प्र० की उपस्थिति महत्वपूर्ण रही। जन्मू कश्मीर से लेकर तमिलनाडू तथा अण्डमान के ग्रेट अण्डमानी समाज के खिलाड़ियों ने पहली बार अण्डमान से बाहर इस प्रतियोगिता में भाग लिया।

सबको अवगत कराना है कि इस सम्पूर्ण आयोजन में आवास, प्रकाश, जल, स्वच्छता, साफ-सफाई, भोजन, जलपान, यातायात, कार्यालय, ग्राउण्ड, उद्घाटन मंच, सांस्कृतिक मंच, साउण्ड, डिजिटल फोटोग्राफी, पुरस्कार, स्मृति चिन्ह, प्रमाण पत्र, वाद्य यंत्र, सांस्कृतिक कलाकारों की भेषभूषा, कोच निर्णायक मैंनेजर खिलाड़ियों के खेल किट, ड्रेश व खेल सामग्री तथा अन्य व्यवस्था में कुल व्यय 3.17 करोड रूपया आया जिसमें 3 करोड़ रूपया एन०सी०एल० सिंगरौली का महत्वपूर्ण योगदान रहा तथा शेष धनराशि सेवा समर्पण संस्थान की जिला टोली के द्वारा सहयोग के रूप में संगठन को प्राप्त हुआ।

इसके साथ-साथ एन०टी०पी०सी० रिहन्द, अल्ट्रटेक डाला, ग्रासिम इण्डस्ट्रीज रेनुकूट, हाईटेक कार्बन रेनुकूट, काशी विद्यापीठ व जिला प्रशासन का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जिलाधिकारी के निर्देशन में समस्त सामग्री लोक निर्माण विभाग ने समय से उपलब्ध कराया, परिवहन विभाग ने समय से साधन उपलब्ध करायें, चिकित्सा विभाग में चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराया जिससे यह कार्यक्रम सकुशल सम्पन्न हुआ जिसके नोडल अधिकारी अपर जिलाधिकारी सहदेव मिश्रा रहें ।इस आयोजन को ध्यान में रखकर एन०सी०एल० द्वारा निर्मित रानी दुर्गावती धनुर्विधा केन्द्र का लोकार्पण केन्द्रीय मंत्री द्वारा किया गया। इस महोत्सव से सम्पूर्ण देश से 60 कुशल तीरंदाजों के साथ 5 सांस्कृतिक टोलियों का भी चयन हुआ है।

[URIS id=12776]

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button